मेट्रो दाईं या फिर बाईं ओर से गुजारने और क्या अवरोधक हैं, इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए ये टीम रिपोर्ट बनाएगी। मुख्य रूप से यमुना पर पुल और मंडी पर हाईटेंशन लाइन पर जोर रहेगा।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के दूसरे कॉरिडोर का निर्माण 1466 करोड़ रुपये में होगा। जल्द पांच विभागों के टीम आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक सर्वे करेगी। सर्वे में यमुना पर पुल और हाईटेंशन लाइन मुख्य बिंदु रहेंगे। ट्रैक के अवरोधक और मेट्रो ट्रैक हाईवे के किस ओर से गुजारा जाएगा, इसकी भी रिपोर्ट बनेगी।
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यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि मेट्रो का दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक है। इसकी दूरी करीब 15 किमी और 14 स्टेशन हैं। ये एलिवेटेड ट्रैक है। यह एमजी रोड के मध्य से होकर गुजरेगा। भगवान टॉकीज चौराहा से ये हाईवे पर होगा। इसमें यमुना पर पुल बनेगा।
मंडी समिति के पास हाईटेंशन लाइन को ऊंचा करने या फिर शिफ्ट करने की भी प्रारंभिक रिपोर्ट बनेगी। खंभे, भूमिगत लाइनें समेत अन्य और क्या अवरोधक हैं, इसकी भी रिपोर्ट बनाई जाएगी। इसका सर्वे इसी सप्ताह शुरू हो जाएगा। इसमें कार्यदायी संस्था, यूपीएमआरसी, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी सर्वे करेंगे। इसके बाद इस निर्माण संबंधी प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दो साल में ट्रैक बनाकर मेट्रो के संचालन कराने का लक्ष्य है।