किरावली। किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने और सरकारी खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम दिव्या सिंह ने शुक्रवार को अछनेरा अनाज मंडी स्थित आरएफसी एवं एफसीआई केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने तौल मशीन (कांटा), बोरों की उपलब्धता और स्टॉक रजिस्टर की गहनता से जांच की। मंडी में अधिकांश व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप पाई गईं। हालांकि, फार्मर रजिस्ट्री की धीमी गति पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और कर्मचारियों को कार्य में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए। एसडीएम ने उन किसानों के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया जिनकी जमीन चकबंदी प्रक्रिया के कारण पोर्टल पर लॉक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन के आदेशानुसार ऐसी जमीनों को तत्काल अनलॉक किया जाए, ताकि तकनीकी खामियों की वजह से कोई भी किसान अपनी फसल बेचने से वंचित न रहे। संवाद
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किरावली - क्षेत्र के किसानों को गेहूं की फसल का उचित दाम दिलाने और सरकारी खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। शुक्रवार को एसडीएम दिव्या सिंह ने अछनेरा स्थित अनाज मंडी में आरएफसी एवं एफसीआई गेहूं खरीद केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की बारीकियों को परखा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण में व्यवस्थाएं मिलीं ''''''''''''''''ए-वन''''''''''''''''
एसडीएम के औचक निरीक्षण से मंडी परिसर में हड़कंप मच गया, लेकिन जांच के दौरान अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। एसडीएम ने खुद केंद्र पर मौजूद रहकर काँटा (तौल मशीन), बोरों की उपलब्धता, लेबर व्यवस्था, दस्तावेज एवं स्टॉक रजिस्टर आदि की गहनता से पड़ताल की। छोटी-मोटी कमियों को छोड़कर बाकी सभी इंतज़ाम दुरुस्त पाए गए, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। जो मामूली खामियां मिलीं, उन्हें तत्काल ठीक करने के सख्त निर्देश दिए गए।
फार्मर रजिस्ट्री और चकबंदी लॉक पर बड़ा फैसला
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों की भी समीक्षा की। रजिस्ट्रेशन की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक किसान योजना का लाभ ले सकें। सबसे महत्वपूर्ण बात उन किसानों के लिए रही जिनकी जमीन चकबंदी के कारण पोर्टल पर लॉक है। एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि, शासन के आदेशानुसार, जिन किसानों की चकबंदी वाली भूमि लॉक है, उन्हें तत्काल अनलॉक किया जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि प्रक्रिया की तकनीकी खामियों की वजह से कोई भी किसान अपनी फसल बेचने से वंचित न रहे।