अप्सा के स्कूलों ने बनाई योजना, अभिभावकों की सहमति के आधार पर बुलाया जाएगा, दो सप्ताह की रिपोर्ट तैयार होगी, उपस्थिति देखने के बाद कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों पर फैसला होगा
गृह मंत्रालय की ओर से 15 अक्तूबर से विद्यालयों को खोलने के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों की कड़ी में पब्लिक स्कूलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्कूलों के संगठनों के पदाधिकारी बैठक आदि माध्यमों से रणनीति बना रहे हैं।
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स्कूल खोलने पर क्या चुनौतियां आएंगी और उनका क्या समाधान होगा, इस पर मंथन किया जा रहा है। अप्सा ने योजना बनाई है कि जिला प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद दो हफ्ते तक कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों की ही पढ़ाई कराई जाएगी। कक्षाएं सिर्फ तीन घंटे चलेंगी। इसमें अभिभावकों की सहमति भी होगी।
अप्सा के अध्यक्ष डॉ. सुशील चंद्र गुप्ता का कहना है कि स्कूल खोलने की अनुमति मिलने के बाद महज तीन घंटे ही कक्षाएं संचालित की जाएंगी। उसमें भी प्रयोगशाला में सीमित संख्या में विद्यार्थियों को लेकर जाकर प्रयोग कराए जाएंगे। ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थी उतना समझ नहीं पा रहे हैं। अभिभावकों की सहमति के आधार पर विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया जाएगा। कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों की उपस्थिति देखने के बाद ही कक्षा आठ के विद्यार्थियों की स्कूल में पढ़ाई कराने पर विचार किया जाएगा।
बिना मास्क के स्कूल में नहीं दिया जाएगा प्रवेश
नेशनल प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन (नप्सा) के सदस्य स्कूलों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों की बैठक बुधवार को होली पब्लिक जूनियर कॉलेज, आवास विकास सेक्टर-चार में हुई। प्रशासन की अनुमति के बाद स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से खोलने पर चर्चा हुई। इस दौरान निर्णय लिया गया कि बिना मास्क के किसी को भी स्कूलों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
बैठक में तय किया गया कि पहले अभिभावकों की स्वीकृति महत्वपूर्ण होगी। स्कूल परिसर में किसी शिक्षक, कर्मचारी और छात्र को बिना मास्क के प्रवेश दिया जाएगा। छात्रों को हाथ धोने की सुविधा दी जाएगी। एक डेस्क पर एक विद्यार्थी ही बैठेगा। कक्षा में सीटिंग प्लान सामाजिक दूरी को देखते हुए ही रखा जाएगा। ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई कराई जाएगी।
नप्सा के अध्यक्ष संजय तोमर का कहना है कि विद्यार्थियों को पानी की बोतल व टिफिन घर से लाना होगा। भोजनावकाश के समय विद्यार्थी कक्षा में ही रहेंगे। संस्था के सचिव राजपाल सोलंकी के मुताबिक छात्रों के मैदान में जाने पर रोक रहेगा। कोरोना के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए पोस्टर लगाए जाएंगे। डिस्प्ले बोर्ड पर भी जानकारी दी जाएगी। नप्सा फिएस्टा जनवरी में प्रस्तावित है।
बैठक में स्प्रिंगडेल स्कूल के निदेशक रवि भल्ला ने कहा कि कोई भी स्कूल बिना टीसी के प्रवेश नहीं लेगा। टीसी देने पर ही प्रवेश मिलेगा। यह भी तय किया गया कि पंजीकरण कराने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। बैठक में राजू डेनियल, मोहित बंसल, पृथ्वी चाहर, गरिमा यादव, सोनिका चौहान, रितु अग्रवाल, विनय गुप्ता, वीके यादव, आरके भल्ला, लाखन सिंह, गीता, अजय सिंह चाहर मौजूद रहे।
राजकीय व एडेड विद्यालयों में तैयार नहीं
आगरा। यूपी बोर्ड के राजकीय व एडेड विद्यालयों में अभी विद्यालयों को खोले जाने के संबंध में कोई तैयारी नहीं की जा रही। विभाग अभिभावकों की सहमति की रिपोर्ट जरूर भेज रहा है। कम अभिभावक सहमति दे रहे हैं। डीआईओएस रवींद्र सिंह का कहना है कि शासन स्तर से जो भी दिशा-निर्देश जारी होंगे, उसके अनुरूप विद्यार्थियों को खोले जाएंगे।