लॉकडाउन में लोगों के सामने बेरोजगारी की समस्या खड़ी हो गई है। वह अपने घरों का रुख कर रहे हैं। बसों के बंद होने से तमाम लोग पैदल अपने घरों का रुख कर रहे थे। प्रशासन इनको घर पहुंचाने के इंतजाम में जुटा है। निजी स्कूल भी इसमें सहयोग दे रहे हैं। जिन स्कूलों के पास बसें हैं, सभी ने उन्हें प्रशासन की अपील पर इस काम में लगा दिया है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट...
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जीडी गोयंका स्कूल की बस
- फोटो : अमर उजाला
जीडी गोयंका स्कूल की सात, होली पब्लिक स्कूल की छह और प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल की आठ बसें रविवार को यात्रियों को पहुंचाने में लगी हुईं थीं। स्कूलों में छुट्टियां चल रही हैं, बस चालक और परिचालक घर पर थे, बुलाने पर वह खुद को खतरे में डालकर सेवाएं देने के लिए तैयार हो गए। खास बात यह है कि स्कूल प्रबंधन बसों के संचालन का खर्च खुद उठा रहा है।
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प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल की बस
- फोटो : अमर उजाला
प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के निदेशक व अप्सा के अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने बताया कि चालक व परिचालकों की सेवाओं को सलाम है। बसों में स्वच्छता के मानकों का भी ध्यान रखा जा रहा है, प्रत्येक चक्कर के बाद बसों को सैनिटाइज किया जा रहा है।
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आगरा लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
गायत्री पब्लिक स्कूल की चार बसें रविवार को यात्रियों को घर पहुंचाने के लिए भेजी गईं। स्कूल के प्रबंधक प्रद्युम्न चतुर्वेदी ने बताया कि सोमवार को जो बसें यात्रियों के लिए भेजी जाएंगी, उनमें स्कूल प्रबंधन की ओर से पानी के पाउच और केले व अन्य फल भी उपलब्ध कराए जाएंगे। बस चालकों और परिचालकों का भी उत्साहवर्धन किया जा रहा है।
बता दें कि आगरा में पैदल आने और यहां से जाने वालों का सिलसिला जारी है। लॉकडाउन में इन लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन वाहनों की व्यवस्थाएं करने में जुटा हुआ है, लेकिन इतनी भीड़ है कि रोडवेज बसें भी नाकाफी हैं। ऐसे में प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए सेना आगे आई है।