इनका वेतन रोका गया है। इनके खिलाफ आगे की कार्रवाई विश्वविद्यालय की ओर से टेंपर्ड प्रमाणपत्रों पर कोई निर्णय लिए जाने के बाद की जानी है। वहीं, फर्जी प्रमाणपत्रों की सूची से जिले में 195 परिषदीय शिक्षक चिह्नित किए गए हैं। इन सभी का वेतन रोक दिया गया है।
बीएड फर्जीवाड़ा: एसआईटी की सूची में शामिल माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों की नौकरी पर खतरा
बीएसए राजीव कुमार यादव का कहना है कि जिन 24 शिक्षकों की बर्खास्तगी का आदेश सोमवार को जारी किया गया। इन शिक्षकों का नाम हाईकोर्ट के आदेश में शामिल विश्वविद्यालय की ओर से फर्जी घोषित किए गए 2823 प्रमाणपत्रों की सूची में शामिल है। सूची से मिलान करने के बाद कदम उठाया गया है।
फर्जी घोषित 2823 अभ्यर्थियों की सूची में 24 शिक्षकों के ही नाम मिले हैं। ऐसे में बाकी 171 शिक्षकों के नाम विश्वविद्यालय की ओर से तैयार किए गए 814 उन अभ्यर्थियों की सूची में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिन्होंने विभिन्न माध्यमों से विश्वविद्यालय को प्रत्यावेदन दिए थे।
सूत्रों के माध्यम से कार्रवाई से बचने के लिए तमाम अभ्यर्थियों ने अपना प्रत्यावेदन ऑफलाइन माध्यम से विश्वविद्यालय को दे दिए थे। जबकि विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित फार्मेट पर वेबसाइट के माध्यम से प्रत्यावेदन या आपत्ति मांगी गई थी।