मैनपुरी। कोरोना महामारी के बीच परिषदीय स्कूलों के बच्चों को 30 जुलाई तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने दिए थे। जिले में आधा अगस्त बीत जाने के बाद भी 2045 स्कूलों में पंजीकृत 90 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। उच्चाधिकारियों की नाराजगी के बाद बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
शासन ने कोरोना संकट के बीच परिषदीय स्कूलों के छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन पढ़ाई कराने के निर्देश दिए हैं। अभिभावकों को स्कूल बुलाकर सामाजिक दूरी का पालन करते हुए छात्र-छात्राओं को 30 जुलाई तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। शासन ने विभाग से इस संबंध में जानकारी मांगी तो अफसरों की लापरवाही की पोल खुल गई। जिले के 2120 स्कूलों में से मात्र 75 स्कूलों में ही अब तक पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई हैं जबकि 2045 स्कूलों में अभी तक पाठ्य पुस्तकें नहीं वितरित हुई हैं। ऑनलाइन दी गई इस जानकारी के बाद निदेशक स्कूली शिक्षा ने बीएसए को पत्र भेजकर नाराजगी प्रकट करते हुए शीघ्र पाठ्य पुस्तकें वितरित कराने के निर्देश दिए हैं।
बीएसए ने उच्चाधिकारियों की नाराजगी के बाद खंड शिक्षाधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है कि जिले में पुस्तकें उपलब्ध होने के बाद भी वितरण में लापरवाही क्यों की जा रही हैं।
विभागीय आंकड़े बताते हैं कि जिले के 2120 परिषदीय स्कूलों में 1.15 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें से अभी तक 90 हजार से अधिक बच्चों को पाठ्य पुस्तकें नहीं मिल सकी हैं।
किस विकास खंड में कितने स्कूलों में हुआ पुस्तकों का वितरण
विकास खंड का नाम कुल विद्यालय कितनों में हुआ वितरण
सुल्तानगंज 241 0
बरनाहल 172 0
बेवर 270 0
किशनी 287 0
कुरावली 207 0
मैनपुरी 276 67
करहल 243 5
जागीर 188 0
कोरोना संकट के कारण अभिभावक भी स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। इसके बाद भी काफी स्कूलों में पाठ्य पुस्तकों का वितरण करा दिया गया है। ऑनलाइन फीडिंग में लापरवाही की गई है। इसे लेकर खंड शिक्षाधिकारियों से जवाब मांगा गया है। शीघ्र ही सभी स्कूलों के बच्चों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराते हुए विवरण अपलोड करा दिया जाएगा।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए