20एमएनपी-06-विकास भवन में छात्रवृत्ति डाटा जमा करने के लिए लगी छात्रों की भीड़
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मैनपुरी। जिले के एक सैकड़ा से अधिक कॉलेजों की लापरवाही से 20 हजार छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति खतरे में पड़ गई है। आखिरी तारीख को भी इन कॉलेजों ने संशोधित डाटा जमा नहीं कराया। ऐसे में अब हजारों छात्रों के छात्रवृत्ति आवेदन निरस्त होना तय हो गया है। इन कॉलेजों को जिला विद्यालय निरीक्षक ने नोटिस जारी किया है।
छात्र-छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा छात्रवृत्ति दी जाती है। लेकिन कॉलेजों की लापरवाही के चलते इस बार 20 हजार छात्रों की छात्रवृत्ति खतरे में पड़ गई है। दरअसल छात्र ऑनलाइन छात्रवृत्ति आवेदन के बाद हार्ड कॉपी कॉलेज में जमा करते हैं। इसके बाद ये डाटा कॉलेज से समाज कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को भेजा जाता है। यहां से डाटा जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से कॉलेज को भेजा जाता है। 15 जनवरी तक संशोधित डाटा कॉलेजों को डीआईओएस के माध्यम से जमा कराना था, लेकिन अंतिम तिथि 20 जनवरी को भी 123 कॉलेजों ने डाटा जमा नहीं कराया। ऐसे में करीब 20 हजार छात्रों के आवेदन पर संकट खड़ा हो गया है। कॉलेजों की लापरवाही से इन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिल सकेगी। जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वेश कुमार ने ऐसे सभी कॉलेजों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
समय रहते क्यों नहीं दिया ध्यान
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को 15 जनवरी को ही डाटा समाज कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को उपलब्ध कराना था। क्योंकि 20 जनवरी तक ये डाटा संशोधित कर अग्रसारित करने की आखिरी तारीख थी। लेकिन जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से भी ध्यान नहीं दिया गया।
नहीं कर सकते थे इंतजार
समाज कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के ऊपर छात्रवृत्ति के आवेदनों को अग्रसारित करने की जिम्मेदारी थी। लेकिन उनके सामने भी एक संकट था कि वे आखिरी दिन तक इंतजार नहीं कर सकते थे। क्योंकि उन्हें हजारों छात्रों का डाटा चेक कर उसे संशोधित करने के बाद अग्रसारित करना था। ऐसे में वे अगर आखिरी दिन तक इंतजार करते रहे तो उनके लिए डाटा अग्रसारित कर पाना संभव नहीं था।
कॉलेजों को छात्रवृत्ति का संशोधित डाटा उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया था। कॉलेजों की लापरवाही के चलते समस्या आई है। नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है, इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
सर्वेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक।