मैनपुरी। जिले के साढ़े सात हजार छात्रों को अब दशमोत्तर छात्रवृत्ति नहीं मिल सकेगी। संशोधित डाटा न आने के बाद समाज कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने ये आवेदन निरस्त कर दिए हैं। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त होने के बाद छात्र परेशान हैं। वहीं इसके लिए जिम्मेदार कॉलेज संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
जिले से 20 जनवरी तक दशमोत्तर छात्रवृत्ति के आवेदन समाज कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को अग्रसारित करने थे। इसमें जिन आवेदनों में गलती थी, उन्हें संशोधित करने के लिए कॉलेज से अभिलेख मांगे गए थे। लेकिन कई कॉलेजों द्वारा अभिलेख ही नहीं दिए गए। इसके चलते पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में कुल 24675 आवेदनों में से 13245 आवेदन गलत थे। इसमें से केवल 8493 आवेदन ही संशोधित कर अग्रसारित किए जा सके, बाकी 4752 आवेदन निरस्त हो गए। वहीं समाज कल्याण विभाग में सामान्य वर्ग में कुल 9054 आवेदनों से 7653 अग्रसारित हुए और अनुसूचित जाति वर्ग में कुल 6141 आवेदनों में से 5361 आवेदन ही अग्रसारित हो सके। तीनों वर्गों में कुल 7408 आवेदन निरस्त कर दिए गए। आवेदन निरस्त होने का कारण कॉलेजों द्वारा संशोधित डाटा उपलब्ध न कराया जाना रहा लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं आवेदन निरस्त होने की सूचना छात्रों के मोबाइल पर एसएमएस से पहुंच रही है। इसके बाद वे कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब कुछ नहीं किया जा सकता है।
आईटीआई और डीएलएड के पूरे बैच हुए निरस्त
छात्रवृत्ति के आवेदनों में आईटीआई द्वितीय वर्ष और डीएलएड द्वितीय वर्ष के छात्रों को बड़ा झटका लगा। इनका एक भी आवेदन अग्रसारित नहीं हो सका। पूरे के पूरे बैच निरस्त कर दिए गए। इसके पीछे कारण अब तक परीक्षा का परिणाम न आना है। आवेदन के समय छात्रों ने गलत अंक दर्ज कर दिए थे, इसके कारण ये सभी आवेदन निरस्त कर दिए गए।
हाईलाइटर्स
-39861 ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति के लिए किया आवेदन
-32453 आवेदन किया गए अग्रसारित
-7408 आवेदन हुए निरस्त
-20 जनवरी थी अंतिम तारीख
जितना भी डाटा कॉलेजों ने संशोधित कर अग्रसारित कर दिया गया है। जो आवेदन निरस्त हुए हैं, उनके लिए कॉलेज जिम्मेदार हैं। अगर संशोधित डाटा प्राप्त हो जाता तो आवेदन सही कर अग्रसारित कर दिए जाते।
डॉ. इंद्रा सिंह, समाज कल्याण अधिकारी।