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भारत बंद के दौरान हिंसा को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य ने साधा निशाना, बोले- आंदोलन में सपा-बसपा का हाथ

Thu, 05 Apr 2018 03:53 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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- फोटो : फाइल फोटो
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श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भारत बंद के दौरान हिंसा के पीछे विपक्ष की साजिश बताया है। बुधवार को सर्किट हाउस में मीडिया से रूबरू होते हुए मौर्य ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग रोकने को सीओ स्तर के अधिकारी की जांच के बाद गिरफ्तारी का निर्णय कैबिनेट में पास कराया था।

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कल्याण सिंह सरकार में भी ऐसा प्रयास हुआ था, लेकिन तब भी ऐसा कोई उग्र आंदोलन नहीं हुआ। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद भारत बंद के दौरान जो हिंसक आंदोलन हुआ है, उसमें सपा, बसपा और कांग्रेस के लोगों का हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि तीनों ही दल अपना राजनीतिक वजूद और जनाधार खो चुके हैं। ऐसे में हिंसा की राजनीति कर वोटों की रोटियां सेक रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार दलितों के अधिकार के लिए सुप्रीम कोर्ट में पुन: सुनवाई को याचिका दायर कर चुकी है।

फूलपुर-गोरखपुर उपचुनावों पर मिली हार पर मौर्य बोले कि विरोधी नहीं अपने कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता और अति विश्वास के चलते हारे, इससे पार्टी ने सबक लिया है। 2019 में विपक्ष के महागठबंधन की संभावना पर मौर्य बोले कि जनता से नकारे गए नेता और दलों को बेमेल गठबंधन होगा। ये दल अपने हितों की राजनीति करने वाले हैं।
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महागठबंधन हुआ भी तो भाजपा के आगे नहीं टिक पाएगा। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कांग्रेस मुक्त नारे को राजनीतिक बताने पर मौर्य बोले, स्वाभाविक है कि ये नारा भाजपा का है, जो राजनीतिक पार्टी है। आगामी लोकचुनाव में एनडीए कुनबा कम होने के प्रश्न पर उनका कहना था कि यहां लोकतंत्र है, सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है, हम सब साथ हैं।

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