यमुना में पानी अधिक है। घाटों पर बल्लियां लगाई जा रही हैं। फूलबंगला सजाया जाएगा। 100 से अधिक बुकिंग हो चुकी हैं। चाैथे सोमवार पर पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर पर लगने वाले मेले को देखते हुए कैलाश मंदिर में बर्फ की झांकी सजाई जाएगी। दूसरे सोमवार को चारों महादेव मंदिर की परिक्रमा लगाई जाएगी। इसके लिए पुलिस प्रशासन की ओर से इंतजाम किए जा रहे हैं।
हर अभिषेक का अपना महत्व
महंत गाैरव गिरी ने बताया कि मंदिर में भोले बाबा को अभिषेक के लिए लोग संपर्क कर रहे हैं। प्रमुख रूप से गंगाजल, दूध, गन्ने आदि से अभिषेक किया जाता है। इसकी भी अलग-अलग मान्यता है। गंगाजल से अभिषेक करने से चंद्रमा प्रबल होता है। इससे उच्च स्थान प्राप्त होता है। सरसों के तेल से शत्रु का विनाश होता है। शहद से स्वास्थ्य लाभ होता है। गन्ने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। दूध से अभिषेक करने से बिगड़ते हुए काम बन जाते हैं।
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मार्ग के खंभों पर हो रही टेपिंग
पारंपरिक मेलों और कांवड़ यात्रा के लिए नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर के चारों प्रमुख शिव मंदिरों बल्केश्वर, पृथ्वीनाथ, कैलाश और राजेश्वर महादेव समेत कांवड़ यात्रा के मुख्य मार्गों पर विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जा रहा है। नगर निगम विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता अजय कुमार राम ने बताया कि खंभों को प्लास्टिक पाइप से कवर किया जा रहा है। तारों की सुरक्षित टेपिंग की जा रही है। प्रमुख मार्गों पर संदेश वाले इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड, रंगीन झालरें और लाइटें लगाई जाएंगी। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल का कहना है कि सावन के मेलों और कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और सुविधा दोनों प्राथमिकता में हैं।
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