पृथ्वीराज चौहान को मिला था शिवलिंग
महंत बताते हैं कि पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर 800 साल पुराना है। एक बार पृथ्वीराज चौहान मंदिर के पास से गुजर रहे थे। उन्होंने मंदिर के पास जंगल में अपना घोड़ा बांध दिया। मगर, वह कुछ ही देर में खुल गया। इस पर फिर से बांध दिया। मगर, वह फिर से खुल गया। कई बार कोशिश करने पर भी ऐसा ही हुआ। तलाश करते समय पृथ्वीराज चौहान को शिवलिंग मिला। उन्होंने शिवलिंग को उखाड़ने की कोशिश की। मगर, काफी खुदाई के बाद भी छोर नहीं मिला। इस पर उन्होंने भगवान की पूजा की। मंदिर का निर्माण कराया। तब से ही मंदिर का नाम भी पृथ्वीनाथ मंदिर पड़ गया।
नाली चोक, पिछले हिस्से में गंदगी
मंदिर में चढ़ाए गए जल और दूध को बाहर निकालने के लिए एक नाली बनी है। मगर, यह चोक है। मंदिर के महंत ने पंप लगाया लेकिन पूरी तरह जलनिकासी नहीं हो पाती है। साफ-सफाई के लिए कोई कर्मचारी नहीं है। इस कारण हर समय गंदगी का आलम रहता है।