उत्तर प्रदेश के आगरा में मार्च में पारा 44 डिग्री सेल्सियस पार पहुंच गया। विशेषज्ञों ने इसकी वजह पेड़ों की कटाई और घटती हरियाली बताई। इसकी पुष्टि भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट कर रही है। इसके आंकड़े बताते हैं कि इन 10 साल में .35 फीसदी हरियाली कम हो गई।
डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि बीते 10 सालों में सड़क, परियोजना और अन्य कार्यों के लिए टीटीजेड की अनुमति पर पेड़ काटे। इसके बदले हरियाली विकसित भी की है। किन्हीं कारणों से हरियाली घटी है। इस साल 1.25 लाख पौधे लगाएंगे।
शिक्षक डीईआई डॉ. अरुण प्रताप सिकरवार ने कहा कि सप्ताह में एक दिन वाहनों का उपयोग न करें। स्कूलों में बच्चों को पर्यावरण रक्षा के लिए जागरूक करने की जरूरत है। लोग पूरी तरह से पॉलीथिन का उपयोग बंद करें। इससे काफी हद तक धरती की सेहत ठीक होगी।
साल |
हरित क्षेत्र(प्रतिशत में) |
वर्ग किमी |
2011 |
6.85 |
276 |
2013 |
6.78 |
273 |
2015 |
6.75 |
273 |
2017 |
6.73 |
272 |
2019 |
6.69 |
262.6 |
2021 |
6.50 |
262 |