धोखाधड़ी, हत्या का प्रयास, शासकीय कार्य में बाधा व अन्य धाराओं के केस में छत्ता पुलिस अदालत में सटोरिया श्याम बोहरा के खिलाफ ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। एडीजे-10 काशी नाथ ने ताजगंज के पार्श्वनाथ पंचवटी कॉलोनी निवासी श्याम बोहरा को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दे दिए।
थाना छत्ता में जुलाई 2018 को थानाध्यक्ष सुभाष सिंह कठेरिया ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि क्रिकेट के अंतरराष्ट्रीय मैच और विश्व कप फुटबाल के मैचों में मोबाइल के माध्यम से बड़े स्तर पर लोगों को सट्टा खिलवाता है। सूचना मिली कि वाटर वर्क्स की तरफ से श्याम बोहरा आने वाला है। वह यमुना किनारा रोड पर पुलिस टीम के साथ पहुंच गए।
आरोपी श्याम बोहरा को रोकने की कोशिश की तो उसने जान से मारने की नीयत से पुलिसकर्मियों को गाड़ी से कुचलने की कोशिश की। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। उसके कब्जे से मोबाइल, गाड़ी और नकदी बरामद की थी। इसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी, हत्या का प्रयास ,शासकीय कार्य में बाधा व अन्य आरोपों में श्याम बोहरा को जेल भेजा था।
श्याम बोहरा की गिरफ्तारी के बाद बनी थी सूची
श्याम बोहरा को पुलिस ने सट्टा माफिया बताया था। शहरभर में अभियान चलाया गया था। तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक ने खुद कार्रवाई की समीक्षा की थी। मगर, विवेचक की घोर लापरवाही से वह बरी हो गया। 7 जुलाई 2018 को छत्ता पुलिस ने श्याम बोहरा को चेकिंग में यमुना किनारा मार्ग पर पकड़ा था। आरोप था कि उसने पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। इससे पूर्व उसे नोएडा में मैच पर सट्टा लगाते एसटीएफ ने एक ऑलीशान सोसाइटी के फ्लैट से पकड़ा था। छत्ता थाने में दर्ज मुकदमे में भी श्याम बोहरा को सटोरिया बताया था।
फर्जी आधार कार्ड पर सिम लेने का आरोप
श्याम बोहरा पर फर्जी आधार कार्ड पर सिम लेने का आरोप लगा था। मगर, थाना छत्ता पुलिस अहम साक्ष्य नहीं जुटा सकी। उस समय उसके मोबाइल से नंबर निकालकर दर्जनों लोगों की सूची जारी की थी। कार्रवाई का भय दिखाकर पुलिस लोगों को बयान के लिए बुलाती थी। श्याम बोहरा और अन्य के खिलाफ चार्जशीट पेश करने के बाद भी विवेचना प्रचलित रखी गई थी। श्याम बोहरा के मोबाइल में रिकार्डिंग मिली थी। कई लोगों को आवाज के सैंपल लेने के लिए लखनऊ तक ले जाया गया था।