सहालग के लिए अगर आज (बुधवार को) आभूषण खरीदने के लिए बाजार जा रहे हों तो रुक जाइये। जिले भर के सराफा प्रतिष्ठानों के ताले नहीं खुलेंगे। दो लाख रुपये की खरीद पर पैन कार्ड को अनिवार्य करने के विरोध में सराफा व्यवसायियों ने बंद का आह्वान किया है। जेम्स एंड ज्वैलरी फेडरेशन और यूपी सराफा एसोसिएशन के आह्वान पर श्री सराफा कमेटी और ज्वैलर्स एसोसिएशन बुधवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखेगी। सराफा कारोबारियों ने दो लाख रुपये के आभूषणों, सोना-चांदी खरीदने पर पैन कार्ड अनिवार्य करने का विरोध किया है। दरअसल, पैन कार्ड अनिवार्य करने के फैसले को कारोबारी व्यवहारिक नहीं मान रहे। उनका मानना है कि देश में पैन कार्ड धारक ही बेहद कम हैं। महिलाओं और किसानों के पास पैन कार्ड नाम मात्र को हैं। देश की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा खेती से आता है। खेती की आय आयकर मुक्त होने से किसान न तो इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं और न ही पैन कार्ड बनवाते हैं, जबकि आभूषणों और सोने-चांदी के सबसे बड़े ग्राहक वही हैं।
ग्राहक ही नहीं देते पैन कार्ड
पैन कार्ड की अनिवार्यता केंद्र सरकार ने पहले ही कर दी है, लेकिन जो ग्राहक आभूषण खरीद भी रहे हैं वह पैन कार्ड मांगने पर नहीं देते। ऐसे में अपना माल बेचने वाले सराफा व्यापारी कच्चे बिल पर ही डिलीवरी दे देते हैं। इससे काले धन पर रोक लगाने की सरकार की मंशा भी पूरी नहीं हो रही।
‘दो लाख रुपये की खरीद पर पैन कार्ड अनिवार्य करने का फैसला गलत है। किसानों, महिलाओं के पास पैन कार्ड नहीं हैं। ऐसे में यह आदेश अव्यवहारिक है। हम बुधवार को बाजार बंद रखकर विरोध दर्ज कराएंगे।’
राजेश हेमदेव
अध्यक्ष, ज्वैलर्स एसोसिएशन, आगरा