जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख चुनाव के बाद भाजपा को नगर निगम के उपचुनाव में भी मुंह की खानी पड़ी। चुनावी मैदान में दो ही उम्मीदवार होने के बावजूद पार्टी अपना किला नहीं बचा पाई। निर्दलीय प्रत्याशी ने दोगुने वोट हासिल कर भाजपा प्रत्याशी को करारी शिकस्त दी।
सात फरवरी को नगर निगम के वार्ड 11 (काजीपाड़ा-छीपीटोला) पर हुए उपचुनाव की मंगलवार को कलेक्ट्रेट में मतगणना हुई। कम वोटिंग के कारण मतगणना में ज्यादा वक्त नहीं लगा। सुबह लगभग साढ़े नौ बजे तक परिणाम घोषित हो गया। निर्दलीय प्रत्याशी जलील गौरी को 2270 और भाजपा प्रत्याशी सुदीप कुमार जैन को 1096 वोट मिले। जलील ने सुदीप को 1174 वोट से शिकस्त देकर जीत हासिल की। उपचुनाव में वोटिंग काफी कम हुई थी। सिर्फ 3366 ही वोट पड़े थे। उपचुनाव होने के कारण मतदाताओं ने वोटिंग के प्रति रुझान नहीं दिखाया। उपचुनाव में ये दोनों प्रत्याशी ही चुनावी मैदान में थे। बता दें कि इससे पहले इस वार्ड पर भाजपा का कब्जा था। महेश चंद्र जैन ने जलील गौरी को ही शिकस्त देकर वर्ष 2012 में पार्षद का चुनाव जीता था। कुछ महीने पहले महेश चंद्र जैन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके चलते यहां उपचुनाव हुआ।
--- इनसेट ---
सपा-बसपा ने नहीं लगाया था दांव
उपचुनाव में सपा ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा था। बसपा ने भी कोई दांव नहीं खेला। मगर, बताया जा रहा है कि बसपा ने जलील गौरी को समर्थन दे दिया था। इसकी वजह से बसपा का वोट बैंक मुस्लिम प्रत्याशी को डायवर्ट हो गया। राजनीति के पंडित भाजपा के लिए इसे अच्छे संकेत नहीं मान रहे।
कहीं आक्रोश का नतीजा तो नहीं
बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ पिछले दिनों भाजपा के आह्वान पर आगरा बंद किया गया था। इस दौरान छीपीटोला में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. रामशंकर कठेरिया के सेक्यूरिटी गार्ड ने जैन समाज के एक भाजपा नेता को थप्पड़ मार दिया था। इस पर पीड़ित ने केंद्रीय राज्यमंत्री के खिलाफ थाना रकाबगंज में तहरीर दे दी थी। कई घंटों तक भाजपा के वरिष्ठ नेता के हस्तक्षेप के बाद मामला सुलझा था। मगर, इससे जैन समाज में काफी रोष था। बता दें कि छीपीटोला में जैन समाज के मतदाताओं की अच्छी-खासी संख्या है।
कम वोटिंग की वजह से भाजपा प्रत्याशी का नुकसान हुआ। यदि वोट प्रतिशत बढ़ता तो निश्चित ही भाजपा की जीत होती।
- नागेंद्र प्रसाद दुबे गामा, महानगर अध्यक्ष, भाजपा