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एमएलसी चुनाव में सपा की दबंगई, पुलिस मूकदर्शक

Tue, 16 Feb 2016 12:11 AM IST
अागरा ब्यूूराे
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एमएलसी के लिए नामांकन के अंतिम दिन सपाइयों की खुली दबंगई देखने को मिली। न सिर्फ नामांकन कक्ष के अंदर पहुंच गए बल्कि भाजपा प्रत्याशी के प्रस्तावकों को भी रोकने की कोशिश की। कुछ बेखौफ लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने ही भाजपा प्रत्याशी का नामांकन फार्म फाड़ दिया। कलेक्ट्रेट में अराजकता का माहौल बना रहा।
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सोमवार को कलेक्ट्रेट और इसके आसपास सपाइयों का ही कब्जा था। सुभाष पार्क से कलेक्ट्रेट तक एमजी रोड किनारे सपा कार्यकर्ताओं की दर्जनों गाड़ियां सुबह से ही खड़ी हो गई थीं। इनमें युवाओं की फौज भरी हुई थी। कलेक्ट्रेट के अंदर भी तमाम नेताओं ने समर्थकों के साथ डेरा डाल दिया था। जैसे ही कोई व्यक्ति नामांकन कक्ष के सामने बैरिकेटिंग के पास पहुंचता, सपा समर्थक वहां पहुंच जाते और उससे पूछताछ करते वे कई बार रिटर्निंग आफीसर की डायस तक पहुंच गए। दोपहर ढाई बजे के आसपास भाजपाई जब अपने प्रत्याशी टीपी सिंह का नामांकन फार्म लेकर पहुंचे तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई। मगर, वे किसी तरह से नामांकन कक्ष तक पहुंच गए। इसी बीच सपा समर्थकों का रेला भी पुलिसकर्मियों को किनारे करते हुए कक्ष के अंदर पहुंच गए। यहां भाजपाइयों और सपाइयों में टकराव की स्थिति बन गई। ऐसे में रिटर्निंग ऑफीसर राजकुमार को अपनी सीट से उठकर बीच बचाव के लिए आना पड़ा। उनके निर्देश के बाद ही पुलिसकर्मी सक्रिय हुए। खानापूर्ति करते हुए सपा समर्थकोें को बाहर निकालना शुरू किया। इस बीच कुछ लोगों ने भाजपा प्रत्याशी टीपी सिंह के नामांकन पत्र को फाड़ दिया, पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने देखती रही। भाजपाइयों ने जब इस पर हंगामा काटा, तब कहीं जाकर पुलिसकर्मियों ने सपा समर्थकों को बाहर खदेड़ना शुरू किया। इसके बाद सपा के समर्थन में जाकर नारे लगाए गए। ये समर्थक नामांकन का समय खत्म होने के बाद ही कलेक्ट्रेट से निकले।
होटल पर डेरा डाले रहे
दिलीप और जिलाध्यक्ष
नामांकन करने वालों पर नजर रखने के लिए सपा प्रत्याशी डा. दिलीप यादव और जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव ने सुबह ही कलेक्ट्रेट के पास धाकरान स्थित एक होटल पर डेरा डाल दिया था। वे यहीं से एक-एक गतिविधि पर नजर रखे हुए थे। उनके दर्जनों समर्थक भी वहीं जमे रहे। यहां पर सपा के कई वरिष्ठ नेताओं का आना-जाना लगा रहा। वे अपराह्न तीन बजे (नामांकन का वक्त खत्म होने के बाद) ही यहां से गए।
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पुलिस-प्रशासन पर उठ रहे सवाल
नामांकन के दौरान प्रत्याशी के साथ सिर्फ प्रस्तावकों को ही कक्ष तक जाने की अनुमति थी लेकिन सोमवार को सपाई बेरोक-टोक आते-जाते रहे। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने किसी को नहीं रोका। लोगों को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन द्वारा की गईं तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, जिला पंचायत अध्यक्ष के नामांकन के दौरान न सिर्फ कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर दिया गया था बल्कि भीड़ को रोकने के लिए कई जगह बैरिकेटिंग भी की गई थी। मुख्य गेट से सिर्फ चुनिंदा लोगों को ही कलेेक्ट्रेट परिसर में आने दिया गया था। जबकि एमएलसी के चुनाव में ऐसी कोई व्यवस्था नजर नहीं आई। भाजपाई पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों पर सपा से मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं। नामांकन कक्ष के बाहर तक कई लोग तो हथियार लेकर पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने इन्हें भी नहीं रोका। 
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