एक ही कंपनी को शहर की सफाई व्यवस्था की कमान साैंपने का विरोध शुरू हो गया है। सफाई कर्मचारियों ने अधिकारियों से टेंडर निरस्त करने की मांग की है। सफाई व्यवस्था ठप करने की चेतावनी दी है।
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नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने एक ही कंपनी को शहर की सफाई व्यवस्था सौंपने की निविदा का विरोध शुरू किया है। उन्हें डर है कि निजी कंपनी के आने से उनका रोजगार छिन जाएगा।
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मंगलवार को सफाई कर्मचारी संगठनों ने अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की और चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर सफाई व्यवस्था ठप कर देंगे। उत्तर प्रदेश नगर निगम जलकल विभाग कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सिकंदर सिंह ने कर्मचारियों के मानसिक तनाव का जिक्र किया। राजकुमार विद्यार्थी ने बताया कि शौचालयों के कर्मचारियों को केवल दो हजार रुपये मिल रहे हैं।
महासंघ के विनोद इलाहाबादी ने स्वच्छता कॉरपोरेशन पर पूरा वेतन न देने और भविष्य निधि न काटने का आरोप लगाया। सभी संगठनों ने एकजुट होकर टेंडर प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की। इस दौरान सम्राट चौधरी, राजू डागौर, आजाद सिंह वाल्मीकि, संदीप पारस, बसंत पाथरे, रोहित लवानिया, अनिल राजौरिया आदि मौजूद रहे।