एटा में सोमवार को निरीक्षण के दौरान डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने एक सफाई कर्मी को खुले में शौच करते पकड़ लिया। जिसके बाद कर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं फर्जी हस्ताक्षर बनाकर वेतन निकालने पर दो सफाई कर्मियों को निलंबित किया गया है।
डीपीआरओ धनंजय जायसवाल सोमवार को ब्लॉक शीतलपुर के गांव भागपुर में सफाई कर्मी जगवीर पुत्र रामप्रसाद को खुले में शौच करता पाया। जांच में पता चला कि सफाई कर्मी के घर में भी शौचालय नहीं है। इसी कारण डीपीआरओ ने सफाई कर्मी को निलंबित कर दिया।
साथ ही जैथरा क्षेत्र के सफाई कर्मी महाराम और सचिन को भी बर्खास्त किया गया। दोनों प्रधान और पंचायत सचिव के फर्जी हस्ताक्षर करके वेतन निकाला करते थे।
शिकायत के बाद हुई जांच में दोनों सफाई कर्मियों को दोषी पाया गया। डीपीआरओ ने बताया कि तीन सफाई कर्मियों को निलंबित किया गया है। मनमानी चलने नहीं दी जाएगी।