रह चुकीं हैं उत्तराखंड की राज्यपाल
उत्तर प्रदेश की बाल विकास व पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य उत्तराखंड की राज्यपाल रह चुकीं हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में आगरा ग्रामीण से चुनाव जीता और सीएम योगी की टीम में स्थान प्राप्त किया। बता दें कि बेबी रानी मौर्य आगरा की मेयर भी रह चुकी हैं। उत्तराखंड के राज्यपाल के तौर पर बेबी रानी मौर्य ने 26 अगस्त 2021 को तीन साल का कार्यकाल पूरा किया था। इसके बाद सितंबर 2021 में उन्होंने राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया था। बेबी रानी मौर्य राज्य बाल आयोग की सदस्य रह चुकी हैं। पूर्व में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य भी रह चुकी हैं। उन्होंने वर्ष 2007 में एत्मादपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि इस चुनाव में उनको हार का सामना करना पड़ा था।
आगरा के बेलनगंज में है मायका
बेबी रानी मौर्य का मायका बेलनगंज और ससुराल करिअप्पा रोड बालूगंज में है। उनके पति प्रदीप कुमार पंजाब नेशनल बैंक में डायरेक्टर एवं सीनियर मैनेजर पद से सेवानिवृत्त हैं। एमए, बीएड बेबी रानी मौर्य 1995 में भाजपा में शामिल हुई थीं। वो 1995 में ही भाजपा के टिकट पर आगरा की मेयर बनी थीं।
अमेरिका में रहते हैं बेटे और बेटी
बेबी रानी मौर्य 1997 में भाजपा के राष्ट्रीय अनुसूचित मोर्चा की कोषाध्यक्ष रहीं। उस समय रामनाथ कोविंद (वर्तमान में राष्ट्रपति) मोर्चा के अध्यक्ष थे। मौर्य 2002 में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रहीं। बेबी रानी मौर्य के पुत्र अभिनव मौर्य इंजीनियर हैं और अमेरिका में ही रहते हैं। उनकी बेटी अंजू मौर्य भी अमेरिका में ही रहती हैं।
संक्षिप्त परिचय
नाम बेबी रानी मौर्य
पति का नाम प्रदीप कुमार, पूर्व डायरेक्टर, सीनियर मैनेजर पीएनबी
जन्म तिथि 15 अगस्त 1956
शैक्षणिक योग्यता एमए बीएड
पता 4/ए करियप्पा रोड, आगरा
सार्वजनिक-राजनीतिक जीवन
वर्ष 1995 से वर्ष 2000 तक आगरा की महापौर।
वर्ष 1997 में तत्कालीन अध्यक्ष राष्ट्रीय अनुसूचित मोर्चा राम नाथ कोविंद जी के साथ कोषाध्यक्ष बतौर कार्य।
वर्ष 2001 में प्रदेश, सामाजिक कल्याण बोर्ड की सदस्य।
वर्ष 2002 में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य।
18 वर्षों से नव चेतना जागृति संस्थान के माध्यम से दलित और पिछड़ी महिलाओं की बेहतरी के लिए कार्य।
सेवा भारती संस्था के मार्फत बच्चियों की शिक्षा पर कार्य।
सम्मान-
वर्ष 1996 में सामाजिक कार्यों के लिए समाज रत्न।
1997 में उत्तर प्रदेश रत्न।
1998 नारी रत्न।
जानें क्रार्यक्रम में बारे में जरूरी बातें
'संवाद' की शुरुआत गुरुवार को लखनऊ में गोमती नगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगी। जिसमें प्रदेश के विकास समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। देश की जानी-मानी शख्सियतें, नीति-नियंता, विचारक-विशेषज्ञ श्रोताओं से रू-ब-रू होंगे। इस मंथन को सुनने के लिए आप भी हमारे साथ जुड़ सकते हैं। इसके लिए अमर उजाला के यूट्यूब और फेसबुक पेज, एप और वेबसाइट पर गुरुवार को आप चर्चा देख सकते हैं। शुक्रवार को कार्यक्रम से जुड़े अगले सत्र होंगे।