औषधि विभाग लखनऊ की 30 अधिकारियों की टीम ने 20 फर्म-गोदामों की जांच में करोड़ों रुपये की सैंपल व एक्सपायर्ड दवाएं बरामद की हैं। ये देश-विदेश की नामी कंपनियों की दवाएं हैं, जिन्हें सील कर दिया गया। जांच के लिए नमूने लैब भेजे गए हैं। टीम इनकी सूची बना रही है। इसकी रिपोर्ट शासन को भी भेजी जानी है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब की अगुवाई में फव्वारा में जैन कॉम्प्लेक्स, माहेश्वरी कॉम्प्लेक्स, बोहरे रामगोपाल मार्केट, मुबारक महल, नवाबिया मार्केट, कम्मू टोला समेत 12 बाजारों के 20 फर्म-गोदामों पर छापे मारे। इसमें 12 गोदाम बंद मिले। इनके ताले तोड़कर जांच कराई गई थी। इनमें देश-विदेश की नामी कंपनियों की एंटीबायोटिक, पेट रोग, सांस-अस्थमा रोग, कॉस्मेटिक सामग्री, त्वचा रोग समेत कई बीमारियों की भारी मात्रा में दवाएं मिलीं।
इनके पैकेट पर नॉट फॉर सेल फिजिशियन सैंपल लिखा हुआ था। एक्सपायर भी दवाएं पाई गईं। इनको सीज कर दिया है। इनकी सूची बनाई जा रही है। जांच के लिए कई दवाओं के नमूने भी लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बाजार में इनकी कीमत करोड़ों रुपये की हो सकती है। डॉ. रोशन जैकब का कहना है कि सैंपल-एक्सपायर दवाएं सीज की हैं। आगे की जांच जारी है।
सीसीटीवी कैमरे से मिलेंगे साक्ष्य
औषधि विभाग की टीम ने छापे के दौरान सीसीटीवी कैमरे के भी जब्त किए। गोदाम-फर्म के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर जब्त की है। फव्वारा के मुख्य दवा बाजार में गलियों और सड़कों पर लगे सीसीटीवी की जांच भी की गई है। इनमें कई संदिग्ध गतिविधियां मिली हैं। इनकी चरणबद्ध तरीके से जांच की जाएगी।
ताला तोड़कर बाहर फेंकी दवाएं भी सीज
जैन कॉम्प्लेक्स में औषधि विभाग की जांच में बंद मिले गोदाम पर ताला तोड़कर खुद का ताला लगाया था। शुक्रवार की देर रात विभाग के लगे ताले को तोड़कर सैंपल-एक्सपायर दवाओं को गैलरी में फेंक दी गईं। इन दवाओं को भी गोदाम में रखकर सीज कर दिया है। कुछ गोदाम भी सील किए हैं।
30 गोदाम हैं संदिग्ध, बनाई सूची
औषधि विभाग के छापे के चलते तीसरे दिन भी दवा बाजार बंद रहा। इक्का-दुक्का ही दुकानें खुलीं। टीम लखनऊ से 30 फर्म और गोदाम की सूची बनाकर लाई है। इनमें से 20 पर अभी कार्रवाई की है, बाकी की भी जांच की जाएगी। इनमें भी सैंपल-एक्सपायर दवाएं होने की आशंका है। दवा कारोबारियों की मौत के चलते अभी कार्रवाई स्थगित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सैंपल-एक्सपायर, सरकारी दवाओं की तस्करी के पूरे रैकेट का खुलासा किया जाएगा।