सिकंदरा चौराहे पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से मारपीट करने वाले युवकों को थाने से छोड़ने के लिए सपा विधायक राजू यादव ने सत्ता का रौब दिखाया। सिंकदरा इंस्पेक्टर को न सिर्फ हटवाने की धमकी दी, बल्कि टीआई को भी खरीखोटी सुनाई। मेडिकल के लिए दोनों आरोपियों को जिला अस्पताल लेकर पुलिस पहुंची तो विधायक भी समर्थकों के साथ पहुंच गए। टीआई और विधायक के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सूचना पर भारी पुलिस फोर्स के साथ एसपी ट्रैफिक पहुंचे तो विधायक वहां से चले गए। पुलिस ने सुबह दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
बता दें, सिकंदरा चौराहे पर गुरुवार शाम चेकिंग कर रहे टीएसआई संजय कुमार और कांस्टेबल अश्वनी ने बाइक सवार दो युवकों को रोका तो उन्होंने उनसे मारपीट कर दी थी। पकड़े गए युवकों में यादव नगर, कोतवाली, एटा निवासी प्रशांत यादव मैनपुरी से सपा विधायक राजू यादव का रिश्तेदार है, जबकि दूसरा आरोपी सिकंदराराऊ निवासी तेजवीर सिंह यादव है। दोनों के थाने पहुंचते ही सपा नेताओं के सिफारिशी फोन घनघनाने लगे। जब बात नहीं बनी तो विधायक राजू यादव का फोन पहुंचा। उन्होंने इंस्पेक्टर सिकंदरा को खरीखोटी सुनाई और कहा कि दस दिन में हटवा दूंगा। विवाद बढ़ते देखकर टीएसआई ने दोनों युवकों के खिलाफ पुलिस मजामत और सरकारी कार्य में बाधा की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस रात तकरीबन एक बजे दोनों आरोपियों और पीड़ितों का मेडिकल कराने जिला अस्पताल लेकर पहुंची। कुछ ही देर बाद विधायक भी अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए। उन्होंने वहां मौजूद टीआई यशवंत सिंह को धमकाया। इस पर तीखी नोंकझोंक शुरू हो गई। सूचना पर एसपी ट्रैफिक अभिषेक सिंह कई थानों की फोर्स के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। एसपी ट्रैफिक से भी विधायक की कहासुनी हुई। इसके बाद विधायक वहां से चले गए। सूत्रों का कहना है कि विधायक के साथ हुए विवाद का जनरल डायरी में तस्करा डाला गया है। हालांकि पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही है। शुक्रवार की सुबह पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।