जिले में जहरीली शराब के सेवन के हुई 11 मौतों के मामले में अब जिला आबकारी
अधिकारी आरएन यादव पर गाज गिरी है। शासन ने गुुरुवार शाम को उन्हें
निलंबित कर दिया है। आबकारी अधिकारी ने चार्ज छोड़ दिया है। आबकारी विभाग
के दो इंस्पेक्टर पहले सस्पेंड किए जा चुके हैं।
गौरतलब है कि जहरीली
शराब पीने से शमसाबाद, खंदौली और मलपुरा क्षेत्र में करीब 11 लोगों की मौत
हो चुकी है। जिले में बड़े पैमाने पर अवैध शराब के कारोबार का खुलासा हुआ
है। शासन ने पिछले दिनों जिलाधिकारी और कमिश्नर से भी रिपोर्ट मांगी थी।
एडीएम वित्त राजकुमार ने भी अपनी जांच में तीन आबकारी निरीक्षकों की
लापरवाही की रिपोर्ट दे थी। इलाहाबाद से एक्साइज इंटेलीजेंस के संयुक्त
आबकारी आयुक्त अविनाशमणि त्रिपाठी भी दो दिन तक जिले में डेरा जमाए रहे।
उन्होंने विभागीय दस्तावेजों की जांच की थी और गांवों में पहुंचकर पीड़ित
परिवारों से भी वार्ता की थी। इस मामले में दो आबकारी निरीक्षक, पुलिस
विभाग की ओर से इंस्पेक्टर शमसाबाद, एसओ खंदौली, दो उप निरीक्षक और चार
सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। गुरुवार को शाम आबकारी मुख्यालय से आई
रिपोर्ट में जिला आबकारी अधिकारी आरएन यादव को निलंबित कर दिया गया।
जानकारी मिलते ही आरएन यादव ने चार्ज छोड़ दिया है। हालांकि रात करीब 10
बजे तक जिलाधिकारी निवास पर इससे संबंधित कोई फैक्स प्राप्त नहीं हुआ था।