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सलीम को जिला जेल में दी जा सकती है फांसी

Sun, 24 May 2015 01:59 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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बावनखेड़ी नरसंहार के गुनाहगार सलीम और शबनम के डेथ वारंट जारी होने के बाद न्यायालय ने मुरादाबाद के जेल प्रशासन से फांसी की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी मांगी। इस पर जेल प्रशासन ने आगरा समेत पांच जेलों में फांसीघर होने की जानकारी दी है। चूंकि सलीम आगरा की सेंट्रल जेल में है, इसलिए माना जा रहा है कि उसे जिला जेल में फांसी दी जा सकती है। हालांकि सेंट्रल जेल के जेलर रत्नाकर सिंह का कहना है कि उन्हें अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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 बावनखेड़ी नरसंहार का आरोपी सलीम सेंट्रल जेल की हाई सिक्योरिटी सेल में बंद है, जबकि शबनम अमरोहा की जेल में है। गुरुवार को अमरोहा के जिला जज ने दोनों आरोपियों का डेथ वारंट जारी किया था। मुरादाबाद के जेल प्रशासन ने अदालत से डेथ वारंट में दिन और समय की जानकारी मांगी। इस पर अमरोहा के जिला जज ने जेल में मृत्यु दंडादेश (डेथ वारंट) के निष्पादन की व्यवस्था की जानकारी मांगी। जेल अधीक्षक से पूछा कि पहले ये बताएं कि उनकी जेल में फांसी देने की व्यवस्था है या नहीं। प्रदेश में आगरा, मेरठ, मथुरा समेत पांच जेलों में ही फांसीघर हैं।

इनसेट..
जर्जर हालत में है फांसीघर
जिला कारागार स्थित फांसीघर बरसों से बंद पड़ा है। जेल सूत्रों ने बताया कि जिला जेल में दो फरवरी 1991 को फांसी जुम्मन खां को दी गई थी। इसके बाद चौबीस साल से अब तक किसी को फांसी नहीं दी गई है। जेल सूत्रों की मानें तो जेल का फांसीघर सही हालत में नहीं है। तकरीबन एक साल पहले जेल विभाग ने फांसीघर के बारे में जानकारी जेल प्रशासन से मांगी थी, तब जेल प्रशासन ने फांसी दिए जाने वाले लीवर को खराब बताया था। जिस तख्त पर लीवर लगा होता है, उस तख्त की हालत भी जर्जर बताया था। तब जेल प्रशासन ने जिला जेल में फांसी दिए जाने पर हाथ खड़े कर दिए थे।
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