वृंदावन में चल रही कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक के ब्राह्मण सेवा संघ शिविर में शनिवार को राष्ट्रीय धर्म संसद का आयोजन किया गया। इसमें संतों ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान की मुक्ति का उद्घोष किया। धर्म संसद में फैसला लिया गया कि अब हरिद्वार कुंभ में इस प्रस्ताव पर संतों की मुहर लगेगी।
शनिवार को महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद की अध्यक्षता में आयोजित धर्म संसद का शुभारंभ संतों ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। महामंडलेश्वर स्वामी राम कमल दास वेदांती ने कहा कि अब राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बने, उससे पहले ही हमें श्रीकृष्ण जन्मस्थान मुक्त कराना है। द्वाराचार्य सुतीक्ष्ण दास ने कहा कि कुंभ के पावन अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान की मुक्ति का संतों द्वारा उद्घोष एक ऐतिहासिक घटना है।
उद्घोष पर हरिद्वार कुंभ में लगी मुहर
कार्यक्रम के संयोजक कार्ष्णि नागेंद्र महाराज ने कहा कि वृंदावन के कुंभ से लिए गए श्रीकृष्ण जन्मस्थान मुक्ति के उद्घोष पर हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद में मुहर लगेगी। रमाकांत गोस्वामी ने कहा कि ब्रजवासी अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मुक्त कराने को हर प्रकार से तैयार हैं। पीपादेवाचार्य बलराम बाबा ने कहा कि यमुना शुद्धिकरण की बातें बहुत होती हैं, मगर कोई भी सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है।