फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुजुर्ग बसीयत तो संत देते नसीहत

विज्ञापन
करहल में जैन समाज के कार्यक्रम में मौजूद जैन मुनि और लोग - फोटो : MAINPURI
विज्ञापन
करहल। जैन मंदिर नसियाजी में श्रीजी का अभिषेक विहसंत सागर के सानिध्य में हुआ। 25 जुलाई से चल रहे वर्षायोग के अंतिम दिन पिच्छी परिवर्तन का आयोजन हुआ। विहसंत सागर ने कहा कि घर के बुजुर्ग वसीयत देते हैं तो संत नसीहत देते हैं। मनुष्य वसीयत तो यहीं छोड़ जाता है लेकिन नसीहत आपको भगवान बनाने में कारक होती है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि संत के पास अपना पिच्छी के अतिरिक्त कुछ भी नहीं होता केवल एक पिच्छी ही एक उपकरण होता है। उसी से अपना संपूर्ण जीवन निकाल देता है। सिर्फ पिच्छी ही प्रत्येक वर्ष बदलते हैं। अंत में सभी से क्षमा याचना करने पर जनसमूह की आंखों में आंसू छलक आए। पिच्छी परिवर्तन का सौभाग्य अनुप्रेक्षा बहुमंडल एवं बागेश्वरी महिला मंडल को प्राप्त हुआ। मिर्जा अकील बेग एवं अवधेश दुबे ने चातुर्मास समिति का सम्मान किया। शाम चार बजे विहसंत सागर ने इटावा के लिए मंगल विहार किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें