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संत प्रेमानंद के शिष्य की खुदकुशी में नया मोड़: 'सुसाइड नहीं, बड़ी साजिश है दीपक की मौत'; मां ने खोला ये राज

Sun, 27 Sep 2026 03:00 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा

सार

मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक की खुदकुशी में नया दावा किया गया है। परिजनों का कहना है कि सुसाइड नहीं, दीपक की मौत बड़ी साजिश है। मां ने कहा कि दो साल से बेटे से मिलने तक नहीं दिया गया। वहीं, आश्रम के बाहर सन्नाटा पसरा है, कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। मथुरा के गऊ कृपा कुंज आश्रम की छत से कूदकर साधक ने शुक्रवार को जान दे दी थी।
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प्रेमानंद महाराज के शिष्य ने की खुदकुशी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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मथुरा के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक उर्फ रसिक दुलारीशरण (25) के आत्मघाती कदम उठाने की घटना परिजन के गले नहीं उतर रही है। गऊ कृपाकुंज आश्रम की चौथी मंजिल से छलांग लगाने और प्राइवेट पार्ट कटा होने पर परिजन ने पुलिस को तहरीर देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजन ने पुलिस अधिकारियों से बड़ी साजिश की आशंका जाहिर करते हुए मौत के जिम्मेदार को सामने लाने की गुहार लगाई है।
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दीपक मूलरूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के निवासी थे। उनकी मौत की सूचना पर शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजन आत्महत्या की जांच पर सवालिया निशान लगाया है। इस मामले में दीपक के बहनोई सोनू ने तहरीर देकर आश्रम प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 

परिजन का कहना है कि प्राइवेट पार्ट काटने के बाद आत्महत्या की बात समझ से परे है। उनका कहना है कि यदि यह आत्महत्या है तो आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां थीं, जिनके चलते उसने यह कदम उठाया।
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उनका आरोप है कि घटना से जुड़े कई पहलू अभी स्पष्ट नहीं हैं, जिनकी गहनता से जांच जरूरी है। उन्होंने इस घटना के पीछे छिपे कारण को सामने लाने की बात कही है। आरोप लगाया कि आश्रम में दीपक से मिलने नहीं दिया जाता था। वह फोन पर भी बात नहीं कर सकता था। 

 

उसका फोन बंद कर दिया गया था। उसके साथ जरूर कुछ गलत हुआ है। यह गहरी साजिश है। पुलिस इस मामले में निष्पक्ष जांच करेगी तो कई दबे राज सामने आ सकते हैं। परिजन ने उनका अंतिम संस्कार भी वृंदावन में किया।

मां बोलीं- दो साल से बेटे से मिलने तक नहीं दिया
मध्यप्रदेश के जबलपुर निवासी रसिक दुलारीशरण की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने आश्रम प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृत दीपक लोधी की मां लौंग बाई ने बताया कि दो साल पहले बेटे से उनकी आखिरी बात हुई थी। उसके बाद उससे संपर्क नहीं हो पाया। उसने कभी फोन नहीं किया और यहां से जब मिलाया तो फोन पर संपर्क नहीं हो पाया। 

दीपक के जीजा सोनू पटेल ने बताया कि हादसे के बाद उनके पास आश्रम से फोन आया कि रसिक दुलारी छत से गिर गए हैं। डॉक्टर ऑपरेशन की बोल रहे हैं, आप लोग जल्दी आ जाइए। उनसे कहा गया कि अस्पताल नहीं जाना है, पहले आश्रम आ जाना। वह लोग शुक्रवार की शाम पांच बजे आश्रम पहुंच गए। 

उनको आश्रम में ही रखा गया, उनको यह नहीं बताया गया कि उसकी मौत हो गई। जब उन्होंने ज्यादा पूछताछ की तो घटना के बारे में बताया गया। सोनू ने बताया कि वह पहले भी मिलने के लिए आए थे लेकिन प्रबंधन ने मिलने नहीं दिया। जब से दीक्षा ली तब से ही ऐसा हुआ। पहले आने के बाद उन्होंने सुबह से शाम तक बैठाया लेकिन मिलने नहीं दिया। 

परिजन का कहना है कि इस मामले में पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि दीपक के दो भाई और एक बहन है। सबसे छोटा भाई मनीष है। मां लौंग बाई ने बताया कि वह एक साल पहले वृंदावन आईं। वह दूसरे आश्रम पर पांच दिन रहीं लेकिन बेटे से मिलने नहीं दिया गया।

यह है पोस्टमार्टम रिपार्ट
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दीपक की मौत का कारण अधिक रक्तस्त्राव, गंभीर चोटें आईं हैं। उनके सीधे पैर में एडी से ऊपर की हड्डी टूटी हुई थी। पैर का मांस भी फट गया था। सिर में चोट, प्राइवेट पार्ट कटा व आसपास चोट मिली है।

अंगुलियों के निशान ही होंगे अहम सुबूत
सीओ वृंदावन संदीप कहते हैं कि मामला केवल आत्महत्या का नहीं है। प्राइवेट पार्ट काटना अपने आप में गंभीर विषय है। कमरे में मिला ग्राइंडर इस घटना में बड़ा साक्ष्य है। फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट इस प्रकरण में बड़े साक्ष्य के रूप में सामने होगी। फॉरेंसिक टीम ने ग्राइंडर से जांच के नमूने लेकर जांच शुरू कर दी है।

आश्रम के बाहर सन्नाटा, कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं
संत प्रेमानंद महाराज के गुरु गौरांगीशण महाराज की लगी में गऊ कृपा कुंज जैसे दर्जन भर से अधिक आश्रम हैं लेकिन इस घटना के बाद वहां कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। कुछ शिष्यों ने कहा कि हमें आदेश नहीं है, कुछ भी बताने के लिए। 

 

आश्रम के बाहर काम कर रही लेबर इस मामले में जानकारी की गई तो उसने भी कहा कि घटना के बारे में कुछ जानकारी नहीं है। वह बाहर से आए तो उन्होंने महाराज को सड़क पर पड़ा हुआ देखा था।

आश्रम की छत से कूदकर संत प्रेमानंद महाराज के साधक ने दी जान
मथुरा के वृंदावन के वराह घाट मार्ग पर गऊ कृपा कुंज आश्रम की छत से कूदकर संत प्रेमानंद महाराज के साधक (परिकर) ने जान दे दी। छत से नीचे गिरने के बाद अन्य साधक उन्हें अस्पताल लेकर गए लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। साधक का प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आश्रम पर जांच के लिए पहुंच गई। जांच के दौरान पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया।
 

पुलिस के अनुसार, वराह घाट के पास गऊ कृपा कुंज के नाम से आश्रम हैं। यहां संत प्रेमानंद महाराज के करीब 40- 50 साधक रहते हैं। चार मंजिल के इस कुंज में रहकर साधक राधारानी की उपासना कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे आश्रम की चौथी मंजिल से एक साधक ने छलांग लगा दी। आश्रम से करीब छह फुट की दूरी पर वह सड़क पर गिरे। उनके गिरते ही अफरा तफरी मच गई। 

 

उनकी पहचान जबलपुर के रहने वाले 25 वर्षीय दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण के रूप में हुई। आश्रम में रहने वाले अन्य साधक तुरंत ही गाड़ी से उन्हें अस्पताल लेकर भागे। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 
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घटना के बाद केलिकुंज नहीं आए संत प्रेमानंद
घटना के बाद संत प्रेमानंद महाराज केलिकुंज नहीं आए। वह बेलवन के यमुना विहार कुंज में ही रह रहे हैं। लोगों को उम्मीद थी कि संत महाराज परिजनों से मिल सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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