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सेफ सिटी: आगरा में खूब दबाए गए पैनिक बटन, पर मुसीबत में नहीं; ये था महज मजाक

Sat, 03 Jun 2023 10:20 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आठ माह में 5000 से ज्यादा ने पैनिक बटन दबाए, पर किसी मुसीबत में नहीं। वहीं चेन स्नेचिंग के किसी भी केस में 43 चौराहों पर लगे पैनिक बटन नहीं दबाए गए।
 
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पैनिक बटन की सुरक्षा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा और मथुरा को सेफ सिटी बनाने के आदेश दिए हैं। पर, आगरा में तो तीन साल से सेफ सिटी के लिए जरूरी इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर काम कर रहा है। शहर के 43 चौराहों पर पैनिक बटन लगाकर कमांड से जोड़े गए हैं। मुसीबत के साथी इस पैनिक बटन काे मजाक का बटन बना दिया गया है। पिछले 8 महीने में करीब 5000 लोगों ने पैनिक बटन दबाए, जिनमें से 4600 से ज्यादा ने महज 30 सेकंड में ही कॉल काट दी। इससे माना गया कि उपयोग मुसीबत से बचने के लिए नहीं किया गया। पैनिक बटन का उपयोग एक भी बार चेन स्नेचिंग, लूट, छेड़खानी और सड़क दुर्घटना होने पर लोगों ने नहीं किया है। कई जगह पैनिक बटन जहां लगे हैं, उनके ऊपर गमले या फुलवारी लगा दी गई है। जिससे वह चौराहों पर लोगों की नजर में नहीं आ रहे।

बटन दबाने पर 5 सेकंड में रिस्पांस

अमर उजाला के रिपोर्टर ने पैनिक बटन दबाने पर रिस्पांस का जायजा शुक्रवार दोपहर को लिया। कैलाशपुरी मोड़ पर भावना क्लार्क्स होटल के मोड़ पर लगे आगरा स्मार्ट सिटी के पैनिक बटन दबाने पर स्पीकर से पांच सेकंड के अंदर ही रिस्पांस मिला और पूछा गया कि क्या समस्या है। इसी तरह सूरसदन चौराहे पर दोपहर में ही पैनिक बटन दबाने पर तुरंत रिस्पांस मिला और समस्या के बारे में जानकारी ली गई। आगरा स्मार्ट सिटी के सीईओ अंकित खंडेलवाल ने कहा है कि मुसीबत के समय लोग इनका उपयोग कर सकते हैं।

      माह         कॉल आईं

  1. अक्तूबर- 22       741
  2. नवंबर-22           248
  3. दिसंबर-22          778
  4. जनवरी-23          648
  5. फरवरी-23         664
  6. मार्च-23              511
  7. अप्रैल-23            946
  8. मई-23               843
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रेलवे, रोडवेज, बसों के सीसीटीवी भी जुड़ेंगे

इलेक्ट्रिक बसों के बाहर का फीड तो इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में आता है। इलेक्ट्रिक बसों के आगे और पीछे के दोनों कैमरों का फीड मिल रहा है, पर अंदर के कैमरे के लिए सोमवार को निरीक्षण होना है। सिटी बसों के अंदर की वीडियो रिकाॅर्डिंग मिलने लगेगी तो यात्रियों की सुरक्षा पर सीधी निगरानी पुलिस कर सकेगी। बसों के साथ रेलवे स्टेशनों, रोडवेज बस अड्डों और सरकारी विभागों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी स्मार्ट सिटी के कमांड सेंटर से जोड़ा जा रहा है।

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इन चौराहों पर हैं बटन

शहर में हनुमान मंदिर खंदारी, केंद्रीय हिंदी संस्थान, दयालबाग रोड पोस्ट ऑफिस तिराहा, करकुंज चौराहा, सहयोग वाटिका, होटल रिट्रीट, हाथीघाट तिराहा, एसएन मेडिकल काॅलेज, भावना एस्टेट मोड़, ईदगाह कटघर तिराहा, दरगाह कमाल खान गेट, फूल सैयद चौराहा, छीपीटोला चौराहा, चीरघर चौराहा, यमुना व्यू पार्क, रॉयल कट तिराहा, आरबी डिग्री काॅलेज, महावीर नाला मोड़ मीरा हुसैनी, रूई की मंडी चौराहा, शंकरगढ़ पुलिया, सिकंदरा सब्जी मंडी, निर्भय नगर मऊ रोड, श्रीराम चौक, चांदनी चौक, किदवई पार्क चौक, दीवानी तिराहा, मारुति एस्टेट चौराहा, बोदला चौराहा, टीडीआई मॉल, स्टेट बैंक तिराहा, पुरानी मंडी तिराहा, नालबंद चौराहा, श्मशान घाट चौराहा, एत्माद्दौला तिराहा, सेंट जोंस चौराहा, ताज व्यू तिराहा, लोहामंडी चौराहा, कलेक्ट्रेट तिराहा, सूरसदन चौराहे पर पैनिक बटन लगे हैं।

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मजाक में नहीं मुसीबत में करें उपयोग

स्मार्ट सिटी के चीफ डाटा ऑफिसर सौरभ गुप्ता ने बताया  कि पैनिक बटन को लोग मजाक में दबा रहे है, जबकि इसका उपयोग उन्हें मुसीबत में ही करना चाहिए। हमने रेलवे, रोडवेज समेत सरकारी विभागों में लगे सीसीटीवी भी कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जोड़ने के लिए पत्र भेजा है। उनके कैमरे भी जुड़ जाएंगे तो शहर में निगरानी रखना और आसान हो जाएगा।
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