कासगंज में चंदन गुप्ता के घर कुछ देर पहले साध्वी प्राची सिंह पहुंच गईं। बिना किसी सूचना के साध्वी के पहुचने, नारे बाजी होते ही प्रशासन हरकत में आ गया। साध्वी प्राची ने चंदन के घर पर पहुंच श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा पर प्रतिबंध गलत है। यह कासगंज में नही निकलेगी तो क्या पाकिस्तान में निकलेगी। उन्होंने तिरंगा हाथ में लेकर चंदन के नारे लगते हुए गली से बाहर का रुख किया। तब पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें गाड़ी में बैठाया ओर ज़िले की सीमा से बाहर तक छोड़ा। पुलिस से साध्वी की नोंक झोंक भी हुई।
बता दें कि विगत वर्ष 26 जनवरी पर तिरंगा यात्रा के दौरान विवाद के बाद जिले भर में हिंसा भड़क गई थी। तिरंगा यात्रा में शामिल अभिषेक गुप्ता उर्फ चंदन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शहर में जगह-जगह आगजनी की घटनाएं और हिंसक झड़पें हुईं थीं।
26 जनवरी की हिंसा की घटनाओं की फिर से पुनरावृत्ति न हो पाए इसको लेकर शासन और प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इसके चलते बड़ी संख्या में पुलिस, पीएसी, आरएएफ के जवान तैनात किए गए।