थाना ताजगंज पुलिस ने हत्याकांड में 20 अक्तूबर को मृतक के साले कृष्णा रावत को जेल भेजा था, जबकि पत्नी प्रियंका और ससुर बृजेंद्र सिंह रावत को रविवार को जेल भेजा गया। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि ससुर और पत्नी के मोबाइल कब्जे में लिए गए हैं।
आशंका है कि मोबाइल डाटा डिलीट किया गया है। इनकी जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला में कराई जाएगी। अगर, डाटा डिलीट होगा तो उसे रिकवर कर लिया जाएगा। इससे भी काफी साक्ष्य मिलेंगे। रामरघु एग्जॉटिका कॉलोनी निवासी सचिन की 11 अक्तूबर को घर में ही हत्या की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद केस दर्ज हुआ था।
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ये है घटना
बैंक प्रबंधक सचिन उपाध्याय हत्याकांड में पुलिस की छानबीन में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। फ्लैट में सचिन की लाश को 17 घंटे तक छिपाकर रखा गया। सचिन की मौत की भनक पड़ोसियों तक को नहीं लगने दी। यहां तक कि पत्नी ने घरेलू नौकरानी से खाना भी बनवाया, ताकि कोई शक ना करे। 12 अक्तूबर को पत्नी ने पड़ोसी के मोबाइल से अपने पिता से बातचीत की। पुलिस ने बताया कि पिता से क्या बातचीत हुई थी। यह साफ नहीं हुआ है।
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