जांच के लिए भेजे थे पांच मोबाइल
सुरेश सिंह चौहान ने बताया कि पूर्व में विवेचना तत्कालीन थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र कुमार बालियान ने की थी। उन्होंने आरोपी सुमित आसवानी के दो मोबाइल, हर्ष चौहान के एक, मनोज बंसल का एक और रिंकू का एक मोबाइल सील कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था। मोबाइलों से डाटा रिकवर किया जाना था। व्हाट्सएप कालिंग की जानकारी ली जानी थी। केस कोर्ट में विचाराधीन है। अब तक 12 अभियोजन साक्षी न्यायालय में पेश किए जा चुके हैं। मगर, अब तक व्हाटस एप कालिंग का डाटा विधि विज्ञान प्रयोगशाला से पुलिस नहीं ले सकी है, जबकि यह डाटा महत्वपूर्ण साक्ष्य है। कोल्ड स्टोरेज संचालक ने पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर डाटा मंगाने की गुहार लगाई है।
टूट गया परिवार
सुरेश सिंह का कहना है कि बेटे की मौत के बाद परिवार पूरी तरह से टूट गया। कोल्ड स्टोरेज भी बंद हो गया। साझीदारों ने उन्हें धोखा दिया। दो मुख्य आरोपी जेल से जमानत पर बाहर आ गए हैं। इस पर उन्हाेंने अपनी सुरक्षा की मांग की है।