श्रीधाम वृंदावन ट्रस्ट ( रशियन बिल्डिंग) बिल्डिंग के मालिक रशियन दंपती की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में परत दर परत खुलती जा रही हैं। इस बिल्डिंग के मालिक भारत में ही नहीं बल्कि रसिया में भी अपराधी हैं। 2019 में रशियन एंबेसी ने एसएसपी को जानकारी दी थी, लेकिन पुलिस ने चुप्पी साध ली।
बताया जा रहा है कि अक्टूबर 2019 में भारत में स्थित रशियन दूतावास ने मथुरा के तत्कालीन एसएसपी शलभ माथुर को फैक्स किया था। इस पत्र में दूतावास के अधिकारी ने लिखा था कि रशियन दंपती क्रीवोनोसोवा नतालिया और उसके पति रोमानोमा योरोस्वलोव रसिया के अपराधी हैं। इनके द्वारा भारत में अगर कोई आपराधिक गतिविधि की जाती है तो इसकी सूचना दूतावास को दी जाए।
इधर बिना स्वीकृति के निर्माण न होने देने वाले जिम्मेदार श्री वृंदावन धाम ट्रस्ट बिल्डिंग पर निगाहें फेरे रहे। इस इमारत में बेसमेंट के अलावा 3 मंजिल बनाने की अनुमति दी गयी, लेकिन इमारत नियमों को ताक पर रखकर 3 से बढ़कर 7 मंजिल बना दी गयी। अब जब मामला सामने आया तो प्रशासन में खलबली मची हुई है।
शुरू से ही विवादों में यह बिल्डिंग
मूलरूप से रूस के रहने वाले नतालिया क्रिवोनोसावा और रोमानोमा योरोस्व्लोव 2013 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे। इसके बाद उन्होंने रमनरेती पुलिस चौकी क्षेत्र के तहत राधा टीला के निकट स्थित वृंदावन धाम अपार्टमेंट (रशियन बिल्डिंग) का निर्माण कार्य शुरू कराया। इस बिल्डिंग का निर्माण शुरू होने के बाद ही विवाद शुरू हो गया।