यूनियन बैंक आफ इंडिया की माहुल शाखा में रुपये न मिलने के विरोध में अहरौला रोड पर सड़क जाम करते ग्रामीण।
बाह के गांव मढेपुरा में चंद्रभान की 50 वर्षीय पत्नी कमला देवी का बीमारी से निधन हो गया। परिवारीजनों का कहना है कि नोटबंदी के चलते कैश न होने के कारण उनका उपचार नहीं हो पाया। वे लोग बैंक की लाइन में लगे लेकिन पैसा नहीं मिला।
चन्द्रभान और उसके भाइयों विद्यासागर, महाराज सिंह ने बताया कि 25 दिन पहले कमला देवी की हालत बिगड़ने पर इलाज के लिए आगरा लाए थे। डाक्टरों ने रीढ़ की हड्डी में इंफेक्शन बताया था। करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च हो गए। बाह की एसबीआई ब्रांच में खाते हैं। लाइन में लगने के बाद भी इलाज के लिए रुपये नहीं मिल सके। उन्होंने बैंक के अधिकारियों को अपनी मजबूरी भी बताई लेकिन वे नहीं पसीजे।
हारकर उन्हें पांच दिन पहले घर पर ले आए। यहां उनकी मौत हो गई। परिवारीजनों ने बताया कि यदि खातों से धन मिल जाता तो कमला देवी का पूरा इलाज हो जाता। कमला देवी ने अपने पीछे तीन पुत्रियों और एक पुत्र को छोड़ा है।
अब सता रही बेटी की शादी की चिंता
चंद्रभान की पुत्री प्रेमलता की शादी 17 जनवरी को होनी है। कमला देवी की मौत के साथ ही पुत्री की शादी की तैयारियों पर ग्रहण लग गया है। परिवार में मातम का माहौल है। उन्हें नहीं सूझ रहा कि नोटबंदी के दौर में बेटी के हाथ कैसे पीले होंगे।