कुछ निजी स्कूलों में फीस जमा करने पहुंचे तमाम अभिभावकों के सामने शर्त रखी गई। उनसे कहा गया कि मार्च तक की फीस देने पर ही 500 और 1000 रुपये के नोट स्वीकार किए जाएंगे। जो अभिभावक तैयार नहीं हुए, उनको कुछ दिन का मौका दिया गया है।
स्कूलों में 10 तारीख तक फीस जमा की जाती है। बड़े स्कूल तिमाही और चेक के माध्यम से फीस लेते हैं। वहीं तमाम छोटे स्कूलों में प्रतिमाह फीस ली जाती है, वह भी नगद। गैलाना रोड स्थित एक स्कूल में बुधवार को फीस जमा करने पहुंचे अभिभावकों से 500 और 1000 रुपये के नोट लेने से इनकार कर दिया गया। बाद में शर्त रखी गई कि यदि वह मार्च 2017 तक की फीस अभी देने के लिए तैयार हैं तो 500 और हजार रुपये के नोट भी स्वीकार कर लिए जाएंगे। बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार यादव का कहना है कि यदि अभिभावक शिकायत करेंगे तो विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुसीबत - 1
टोरंट ने जमा नहीं किए बिल
टोरंट ने मोबाइल पर मैसेज कर दिए कि 1000 और 500 के नोट बंद कर दिए जाने के चलते बिल केवल चेक , टीपीएल वेबसाइट और मोबाइल एप के जरिए ही जमा किए जाएंगे। टोरंट के दफ्तरों पर कैश लेकर बिल जमा नहीं किए गए। हजारों लोग परेशान हुए।
मुसीबत - 2
सिनेमा घरों में नहीं मिले टिकट
सिनेमा घरों ने सुबह ही बोर्ड लगा दिए कि 1000 और 500 के नोट नहीं लिए जाएंगे। नतीजा हजारों लोग फिल्म देखने से रह गए। केवल उन लोगों को टिकट दिए गए जो 100 , 50 या 10 और 20 के नोट लेकर पहुंचे थे। सिनेमा घरों में आम दिनों की तुलना में 20 फीसदी भी दर्शक नहीं रहे।
मुसीबत - 3
मॉल में नहीं खरीद पाए सामान
लोगों ने सोचा कि मॉल में तो 1000 और 500 के नोट चल ही जाएंगे लेकिन यहां भी बोर्ड लगे मिले। इसके चलते यहां रौनक भी गायब रही। मॉल में 20 फीसदी लोग भी नहीं पहुंचे। डेबिट और एटीएम कार्ड से ही खरीदारी हो पाई।
मुसीबत - 4
सब्जी के लिए भी तरस गए
सिकंदरा मंडी में आम दिनों की तुलना में भीड़ कम रही। यहां से सब्जी विक्रेता सब्जी और फल ले जाते हैं। गली मोहल्लों की दुकानों पर आम लोगों को परेशानी आई। सब्जी विक्रेताओं ने 1000 और 500 के नोट लेने से मना कर दिया। कई लोगों ने सब्जी की जगह दाल पकाई।