लोगों का आरोप है कि पुलिस ने अकबरा के अलावा चार और गांव में लगे इसी तरह के बोर्ड उखाड़ लिए हैं। उनका कहना था कि महाराणा प्रताप के सम्मान में लगे इन बोर्ड में से किसी में भी किसी तरह की कोई आपत्तिजनक बात नहीं लिखी हुई थी। खुलकर बोलने से बच रहे ग्रामीणों ने अनौपचारिक रूप से कहा कि पुलिस के इस मनमाने रवैया की वजह से सभी गांव के लोग खासे नाराज हैं।
फिलहाल हंगामा के बाद पुलिस की शक्ति के चलते सभी गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं, पांचों गांव का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी से मुलाकात करने गया है, जहां वह उनसे सभी बोर्ड फिर से लगवाने की मांग करेगा, बता दे, अकबरा गांव का यह बोर्ड 16 अगस्त को एक भाव कार्यक्रम आयोजित कर लगाया गया था।
इससे पहले पूर्व में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर रायभा, मांगरौल, खड़वाई और रोनकता में भी महाराणा प्रताप के सम्मान में ऐसे ही बोर्ड लगाए जा चुके हैं। हालांकि इन बोर्ड को लगाने के दौरान या इसके बाद सार्वजनिक रूप से किसी ने भी कोई आपत्ति, विरोध या शिकायत नहीं की थी। तनाव को देखते हुए सभी गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल पुलिस इस बारे में बोलने से बच रही है।