जलेसर (एटा) के गांव खेरिया निवासी कालीचरन ने 12 वर्षीय बड़े बेटे कपिल को तेज बुखार आने पर 23 अगस्त को ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस-1 स्थित एएस हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। परिजन ने पुलिस को बताया कि बेटे को हर दिन एक इंजेक्शन लगाया जाता था। उसे चिकित्सक दिमागी बुखार बता रहे थे। मगर, इंजेक्शन लगाने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
सोमवार देर रात बेटे की हालत बिगड़ने लगी। आरोप लगाया कि उस समय स्टाफ सो रहा था। उन्हें जगाकर चिकित्सक को बुलाने की कहने पर कर्मचारी नाराज हो गए। वह गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आक्रोशित हो गए। महिलाओं से मारपीट कर दी। किसी तरह सभी लोग बच सके।
पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है। बाद में उन्हें बच्चे की मौत के बारे में बताया गया। इस पर उन्होंने हास्पिटल के बाहर हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस तीन कर्मचारियों को थाने ले गई। मंगलवार सुबह परिजन ने पुलिस से शिकायत की। कहा कि इलाज में लापरवाही से बच्चे मौत हुई है।
लापरवाही बरतने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सर्विस रोड पर शव रख दिया। महिलाएं बिलखने लगीं। पुलिस ने पहुंचकर सभी को शांत किया। मामले में एत्माद्दौला थाना पुलिस का कहना है कि परिजन ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। वह शव को गांव लेकर चले गए। मामले में जो भी तहरीर दी जाएगी। उसके आधार पर कार्रवाई होगी।