देश के विभिन्न हिस्सों में हुए विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद जनसभाओं के लिए सबसे पहली पसंद रहे हिंदुत्व के बड़े चेहरे योगी आदित्यनाथ को अब और मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आनुषंगिक संगठनों की अखिल भारतीय क्षेत्रीय सेवा विभाग की बैठक में इसे लेकर रणनीति बना ली गई है। हिंदुत्व के इस बड़े चेहरे की परीक्षा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के रूप में 2022 में भी होने जा रही है।
वृंदावन की बैठक में हुए मंथन में यह तय हुआ कि हिंदुओं को एकजुट करने वाले राष्ट्रीय एकता से जुड़े मुद्दे अयोध्या में मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370, जनसंख्या बिल, जम्मू-कश्मीर में खत्म होते आतंकवाद की चर्चा को भी जनता के बीच बरकरार रखा जाएगा।
वृंदावन के केशवधाम में सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के नेतृत्व में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आनुषंगिक संगठनों की अखिल भारतीय क्षेत्रीय सेवा विभाग की बैठक राष्ट्रवाद के मुद्दों को आगे बढ़ाने के साथ आगामी दिनों में सेवा के माध्यम से प्रत्येक घर तक दस्तक देने की रणनीति के साथ खत्म हो गई।
शुक्रवार को बैठक के दूसरे दिन आनुषंगिक संगठनों को आगामी चुनावी समर के लिए कार्य करने के तौर-तरीके बताए गए। प्रत्येक जाति-वर्ग के गरीब तबके तक सेवा कार्य में विस्तार पर बल दिया गया। खासकर आदिवासी क्षेत्रों के साथ दलित वर्ग तक खाद्यान, कोविड की सेवाओं को पहुंचाने के साथ सरकार के कार्यों की चर्चाएं करने को कहा गया। इस दौरान चर्चा हिंदुत्व वोट को बिखरने से रोकने की रणनीति पर भी की गई। बैठक के बाद पश्चिमी प्रांत, ब्रज प्रांत और उत्तराखंड प्रांत से जुड़े क्षेत्रीय पदाधिकारियों की बैठक भी हुई।
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