संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज समाज में जितनी भी बिरादरियां हैं सभी ने अपने संगठन बना रखे हैं। हमारा मकसद उन तक पहुंचना होना चाहिए। उनके भीतर राष्ट्रवाद का भाव पैदा किया जाए। जगह-जगह कार्यक्रम कराकर लोगों को समझाया जाए कि वह पहले हिंदू हैं और बाकी सब उसके बाद।
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हमें हर वर्ग में अपने संबंध बनाने हैं। संबंध इस तरह के बनाए जाएं कि वह लोगों के घरों पर जाकर भोजन करें। उनके दुख दर्द में शामिल हों। समाज में जो भी कुरीतियां हैं उन्हें दूर किया जाए।
संघ प्रमुख ने सभी प्रचारकों से कहा कि समाज को संगठित करने के लिए सभी मिल-जुलकर काम करें। एक ऐसा समाज तैयार किया जाए जिसमें राष्ट्रवाद का भाव कूट-कूटकर भरा हो। संघ की शाखाएं बढ़ाने का भी संकल्प लिया गया। समापन सत्र में संघ के सर सह कार्यवाह भैया जी जोशी, दतात्रेय होसबोले, कृष्णगोपाल, सुरेश सोनी और सामाजिक सद्भाव प्रमुख अशोक बेरी मौजूद रहे।