आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की वित्त समिति की बैठक में शिक्षक-कर्मचारियों के वेतन भत्ते और पेंशन फंड के लिए 748 करोड़ रुपये की राशि तय की गई। संविदा-अतिथि शिक्षकों को भी सौगात दी है, इनका मानदेय बढ़ाया गया है।
वित्ताधिकारी एके सिंह ने बताया कि 748 करोड़ रुपये के फंड में 250 करोड़ रुपये वेतन भत्तों के लिए और 498 करोड़ रुपये पेंशन के कॉपर्स फंड में स्थानांतरित किए जाएंगे। एक जुलाई 2022 से आईईटी और फार्मेसी विभाग के संविदा शिक्षकों को मानदेय 45 हजार रुपये और अतिथि शिक्षकों का मानदेय 25 हजार रुपये कर दिया है। सभी कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक की मेडिक्लेम की सुविधा के प्रस्ताव को भी स्वीकृत किया है। इसमें 75 फीसदी अंशदान विश्वविद्यालय और 25 फीसदी अंशदान कर्मचारियों के वेतन से कटेगा। स्ववित्त पौषिक और नियमित सभी पाठ्यक्रमों के लिए शुल्क निर्धारण के लिए समिति गठित होगी, जो 15 दिन में रिपोर्ट देगी। इसकी रिपोर्ट को आगामी सत्र से लागू किया जाएगा। विश्वविद्यालय के नियमित कर्मचारियों को चार हजार रुपये चिकित्सा सहायता कोविड-19 महामारी में कार्य करने पर दिया जाएगा। गणमान्य व्यक्ति के नाम पर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में विजेताओं को दिए जाने वाले नवीन पदकों के लिए शुल्क तय किया है। इसमें स्वर्ण पदक के लिए दो लाख रुपये, रजत पदक के लिए डेढ़ लाख रुपये तय किया है। आगामी सत्र में जुलाई से नवंबर तक सभी कॉलेजों के विद्यार्थियों का शिक्षण शुल्क जमा कराने पर भी जोर रहेगा। बैठक में कुलपति प्रो. विनय पाठक, कुलससिव संजीव कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव, प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा, अपर निदेशक कोषागार डॉ. दिनेश कुमार, अरविंद नारायण मिश्र और ममता सिंह मौजूद रहे।