जिस अटल रोहतांग टनल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है, उसके निर्माण खर्च में आगरा निवासी ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) मनोज कुमार ने विशेष तकनीकी के जरिए सरकार के एक हजार करोड़ रुपये बचे थे। सेना के बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) में मुख्य अभियंता रहे मनोज ने अगर इस तकनीकी का इस्तेमाल न किया होता तो निर्माण कार्य में दो साल और लग जाते। दरअसल, टनल के ऊपर नाले और झरने देख निर्माण कंपनी नया रूट बनाना चाहती थी, लेकिन मनोज इस पर अड़ गए कि तकनीक में परिवर्तन कर इसी रूट से टनल बन सकती है। आखिर में उनकी तकनीक पर ही काम हुआ।