आगरा के रकाबगंज थाना क्षेत्र में 33 साल पहले घर में घुसकर हुई लूट के मामले में पीड़ित और उसकी बेटी बयानों से मुकर गए। इस पर विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र रविकांत ने चक्कीपाट निवासी आरोपी साबिर को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश किए हैं।
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थाना रकाबगंज में अनीश खान ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 18 नवंबर 1991 की रात वह अपने परिजन के साथ घर पर ही थे। इस दौरान मकान की रंजिश में आरोपी साबिर अन्य लोगों के साथ नशे में उनके घर के अंदर आ गया। सरिया और लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें और उनकी बेटी को घायल कर दिया। जान से मारने की नीयत से फायर भी किया, वह बाल-बाल बचे।
आरोपी घर से सोल्डिंग वायर, पैक डिब्बे व घर का अन्य कीमती सामान लूट ले गए। सुनवाई में आरोपी साबिर का ही विचारण हुआ, अन्य आरोपियों की पत्रावली अलग कर दी गई।