मैनपुरी। बारिश रुकने के बाद अब नदियों लोगों के लिए संकट बन गई हैं। अरिंद नदी और सेंगर नदी में पानी बढ़ने से फसलें डूब रही हैं। वहीं कुछ गांवों का संपर्क मार्ग पर भी पानी भरने से लोगों को लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। इसके चलते किसान और ग्रामीण दोनों ही परेशान हैं।
करहल और बरनाहल क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सेंगर नदी इन दिनों तबाही मचा रही है। जलस्तर बढ़ने से बरनाहल क्षेत्र के गांव नगला बरी, शिवकरन, बेलाहार, सुनूपुर आदि गांवों तक पानी पहुंचा गया है। वहीं बलपुरा, कनिकपुर खिजरपुर, वहसी, नगला नधा, फूलसहाय, हाजीपुर नेरा, मढ़ामई, बेलाहार, डालूपुर, अब्दुल नवीपुर, हरैना, नवाटेढ़ा, रसूलपुर, सुनूपुर आदि गांवों में करीब एक हजार बीघा से अधिक धान और बाजरा की फसल डूब गई है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से प्रभावित फसलों का आंकलन करने की मांग की है। पीड़ित किसानों में प्रमोद कुमार, धनंजय सिंह, अजीत चौहान, राघवेंद्र सिंह, विपिन यादव, अशोक कुमार, राजकुमार, कामता प्रसाद, सुरेश चंद्र, मुनीश यादव आदि शामिल हैं।
वहीं दन्नाहार क्षेत्र में अरिंद नदी परेशानी का कारण बन रही है नदी में पानी बढ़ने से आसपास के गांवों की फसलें डूब गई हैं। इसके साथ ही आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। दरवाह से दन्नाहार और बिघरई जाने वाले दोनों मार्गों पर अरिंद नदी का पानी भर गया है। ऐसे में ग्रामीण घिरोर होते हुए मैनपुरी या दन्नाहार पहुंच रहे हैं। इससे उन्हें 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। ग्रामीण नवनीत पांडेय, सुदीप पांडेय, घनश्याम पांडेय, सुखधाम मुरारी, राजू शाक्य आदि ने जलभराव से निजात दिलाने के लिए प्रबंध किए जाने की मांग की है।
मकान गिरने का सिलसिला अब भी जारी
करहल। बारिश रुकने के बाद भी मकान गिरने का सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार को तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत भगवतीपुर के मजरा लालपुरिया में मुकेश कुमार का मकान रात के समय भरभरा कर गिर गया l मकान गिरने के चलते जरूरी सामान उसमें दब गया। वहीं रठेरा में रूपेश कठेरिया का मकान जलभराव के चलते गिर गया। वहीं नगला जसरथ में नरेंद्र शर्मा का कच्चा मकान भी बृहस्पतिवार रात को गिर गया। पीड़ितों ने मुआवजा दिलाने की मांग की है।