आगरा में मानसून में सड़कों की खुदाई न करने के कागजी आदेश के उलट शहर में सड़कों को खोदकर छोड़ देने के काम में छह विभाग लगे हुए हैं। महज दो महीने पहले ही दो करोड़ रुपये से बनाई गई सड़कों को न केवल खोदकर छोड़ दिया गया, बल्कि गिट्टियां भी नहीं बिछाई गई हैं। यह दोनों सड़कें वह हैं, जिनके लिए जल निगम की विश्व बैंक इकाई यह लिखकर दे चुकी है कि उनका काम पूरा हो चुका है। उसी पत्र के बाद नगर निगम ने सड़कों का निर्माण कराया, पर अब अधूरा काम बताकर फिर से मारुति एस्टेट-बोदला, अलबतिया रोड, बोदला-सिकंदरा जैसी प्रमुख सड़कों की खुदाई जारी है।
अलबतिया रोड पर सुभाष नगर ब्लॉक ए के सामने की सड़क पर जल निगम विश्व बैंक इकाई ने बीते साल पानी की लाइन बिछाई, पर वह लीक हो गई। टेस्टिंग के दो महीने बाद लीकेज लाइन की जांच सड़क खोदकर की गई, जबकि भीमनगरी में ही यह लाइन बिछाई गई। इसी तरह जून में बोदला से मारुति एस्टेट के बीच पानी की लाइन के लिए खोदी गई सड़क का निर्माण कराया गया, पर अब इंटरकनेक्शन और कालोनियों के लिए कनेक्शन का काम करने के लिए सड़क खोद दी गई। नगर निगम के चीफ इंजीनियर बीएल गुप्ता ने बताया कि सड़कों की खुदाई कहां-कहां किस विभाग ने कर रखी है, उसका सर्वे कराया जा रहा है। मानसून में खुदाई पर रोक लगी हुई है। उसका उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
सड़कों की खुदाई का कराया सर्वे
कमिश्नर रितु माहेश्वरी ने सड़कों को खोदकर छोड़ देने की जल निगम की शिकायतों के बाद नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल को रोड कटिंग का सर्वे करने को कहा, जिसके बाद नगर निगम के चारों जोन लोहामंडी, हरीपर्वत, छत्ता और ताजगंज जोन में निर्माण विभाग के अभियंताओं से कहा गया है कि जहां भी सड़कों की खुदाई की गई है, उनका ब्योरा दिया जाए। सबसे ज्यादा जल निगम की निर्माण और विश्व बैंक इकाई ने शहर में खुदाई की है। उसके बाद ग्रीन गैस ने गैस लाइनों, टोरंट पावर ने बिजली की लाइनों के लिए और टेलीकॉम कंपनियों ने आप्टिकल फाइबर केबिल के लिए सड़कों को खोदकर छोड़ दिया है। इनकी रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है, जिसके बाद विभागों पर जुर्माना लगाया जाएगा।