बीस साल से बनी सड़क अभी तक नहीं उखड़ी थी, न कहीं धंसने की शिकायत आई थी। लेकिन गंगाजल परियोजना की पाइपलाइन के बाद बनी सड़क की 45 दिन में ही बजरी उखड़ गई। इससे कई जगह गड्ढे हो गए हैं, जो जानलेवा हो सकते हैं। शिकायत पर जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे हैं। यह कहना महर्षिपुरम कॉलोनी वासियों का है, जो समस्या झेल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि डेढ़ माह पहले कॉलोनी में शिव शक्ति मंदिर के पास होली पब्लिक स्कूल को जाने वाले रास्ते पर गंगाजल परियोजना की पाइपलाइन डाली गई थी। उसके लिए ठेकेदार ने सड़क को खोदा और मिट्टी को बेच दिया। पाइपों के ऊपर कम मिट्टी डालकर सड़क बना दी। इसमें मानकों की अनदेखी की गई। अब सड़क जगह-जगह धंस गई है।
लापरवाही से किया सड़क का निर्माण
महर्षिपुरम निवासी अनुज अग्निहोत्री ने बताया कि यह सड़क बीस साल पहले बनी थी। तब से कभी नहीं धंसी न टूटी। अब गंगाजल की पाइपलाइन डालने के बाद ठेकेदार ने इतनी लापरवाही के साथ सड़क बनाई कि वह करीब 45 दिन में ही टूट गई। उसमें गहरे गड्ढे हो गए हैं।
ठेकेदार ने मिट्टी बेचने पर ज्यादा ध्यान दिया
महर्षिपुरम निवासी अनंत भारद्वाज ने कहा कि ठेकेदार ने सड़क बनाने से ज्यादा मिट्टी बेचने पर ध्यान दिया है। सड़क को इतनी घटिया तरीके से बनाया कि उसकी बजरी बिखरने लगी है। गहरे गड्ढे हो गए हैं। उनमें कई लोगों के साथ दुर्घटना हो चुकी है शिकायत की है। कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।