महंगाई से आम जनता परेशान है। इसका असर घर के बजट के साथ-साथ रिश्तों पर भी देखा जा रहा है। आगरा के परिवार परामर्श केंद्र पर रविवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया। पत्नी ने आरोप लगाया कि घर खर्च के लिए पति तीन हजार रुपये ही देता है, जबकि जरूरत ज्यादा की है। विरोध पर पति झगड़ा करता है। काउंसलर के समझाने पर पत्नी ने शर्त रख दी। घर खर्च के लिए ज्यादा रकम मांगी। पति के तैयार होने पर ही वह साथ गई।
महिला की शादी को 10 साल हो चुके हैं। पति एक जूता फैक्टरी में काम करता है। उनके एक बेटा है। पत्नी का आरोप था कि पति पांच साल से तीन हजार रुपये घर खर्च के लिए दे रहा है, जबकि महंगाई बढ़ गई है। दूध, फल-सब्जी और राशन के खर्च में यह रकम कम पड़ जाती है।
महिला ने बताया कि ज्यादा रुकम मांगने पर पति बात नहीं सुनता है। झगड़े पर उतारू हो जाता है। पति का कहना था कि पत्नी को रकम देने के बाद जो खर्च आता है, वह खुद ही उठाता है। इसके बावजूद पत्नी अनावश्यक रकम मांग रही है। वह उसके पास रुपये नहीं रहने देना चाहती है। पति-पत्नी की बात सुनने के बाद काउंसलर ने समझाया।
पति से कहा कि वह घर के बजट की रकम को बढ़ा दे। इस पर पति तैयार हो गया। इसके बाद पत्नी उसके साथ चली गई। उधर, परिवार परामर्श केंद्र में रविवार को 45 जोड़े बुलाए गए थे। 43 में पति-पत्नी आए। 15 में एक ही पक्ष आया। तीन में समझौता हुआ। पांच में तारीख दी गईं। 18 फाइलों को निस्तारित किया गया।
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