आगरा की तहसील एत्मादपुर क्षेत्र में यमुना नदी से हो रहे अवैध बालू खनन के खुलासे के बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को खनिज विभाग व तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने रायपुर और रहनकलां गांवों में यमुना नदी से बालू उठाए जाने वाले स्थानों की पैमाइश कर कार्रवाई की।
बताया गया कि मिट्टी खनन पर प्रशासन की सख्ती के बाद खनन माफियाओं ने यमुना नदी को नया निशाना बना लिया था। इनर रिंग रोड से रमाडा की ओर जाने वाले मार्ग पर यमुना नदी के पक्के पुल के पास दिनदहाड़े ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से बालू खनन का वीडियो दो दिन पहले प्रसारित हुआ था। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंची।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को शोभानगर नरायच स्थित सरकारी भूमि पर अवैध रूप से डंप की गई करीब 1150 घनमीटर बालू बरामद की गई थी। मामले में खनन निरीक्षक ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। शुक्रवार को खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने यमुना नदी किनारे उन स्थानों को चिह्नित किया, जहां खनन से हुए गहरे-गहरे गड्ढे से बालू निकासी की जा रही थी। टीम ने पैमाइश कर साक्ष्य जुटाए और रिपोर्ट तैयार करने की कार्रवाई शुरू की। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध बालू खनन से यमुना का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। प्रशासन की कार्रवाई से अवैध खनन में लगे लोगों में हड़कंप मचा है।
उप जिलाधिकारी सुमित कुमार सिंह ने बताया कि यमुना में खनन की जांच के लिए टीम से जांच कराई गई है। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में अवैध खनन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और अभियान आगे भी जारी रहेगा।