डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड वर्ष 2013 का संशोधित परिणाम भी अभी तक सभी छात्रों को नहीं मिल पाया है। करीब 5.5 हजार छात्र-छात्राओं की कापियां फंसी हुई हैं। परीक्षकों के इन पर हस्ताक्षर होने हैं। छात्र-छात्राएं परेशान हैं। इनका भविष्य संकट में हैं। नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
बीएड वर्ष- 2013 की 6674 कापियों में छेड़छाड़ या कटिंग हैं। शिक्षक इन पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि करीब 2000 कापियों पर शिक्षकों ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। इन्हें जारी करने की स्थिति बन गई है। बाकी कापियों की जांच के लिए परीक्षकों को बुलाया जा रहा है। हालांकि शिक्षक फंसने के डर से कापियों की जांच के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन को शिक्षकों को तैयार करने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। पूर्व में छह शिक्षकों ने कमेटी से इस्तीफा भी दे दिया था।
18,000 छात्रों का परिणाम तैयार, दी जा रही डिग्री
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीएड वर्ष 2013 के 18000 छात्र-छात्राओं का परिणाम तैयार कर लिया है। कुलसचिव का कहना है कि जिनका रिजल्ट बन गया है। इनका सत्यापन भी किया जाने लगा है। जो अभ्यर्थी स्थायी डिग्री मांग रहे हैं, उन्हें डिग्री प्रदान की जा रही है।