आगरा छावनी क्षेत्र के अधिकृत भवनों में अब कई छोटे मरम्मत और सामान्य नवीनीकरण कार्यों के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड से पूर्व अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2019 के दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
रक्षा मंत्रालय ने पहले से लागू नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य लोगों को अनावश्यक प्रक्रियाओं और परेशानियों से राहत दिलाना है। रक्षा संपदा महानिदेशालय ने वर्ष 2019 में जारी भवन मरम्मत संबंधी दिशा-निर्देशों के प्रचार-प्रसार के लिए कहा है। राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने नियमों की जानकारी न होने पर चिंता जताई थी। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वर्ष 1995 की भूमि नीति में मरम्मत की परिभाषा स्पष्ट नहीं थी।
कैंटोनमेंट अधिनियम, 2006 की धारा 235(2) के तहत ऐसे मरम्मत कार्य स्पष्ट किए गए हैं, जिनके लिए पूर्व अनुमति आवश्यक नहीं होगी। नई व्यवस्था के अनुसार, आंतरिक विभाजन दीवार में बदलाव, पैरापेट दीवार (ऊंचाई 1.20 मीटर तक) और छज्जे या कॉर्निस (चौड़ाई 50 सेंटीमीटर तक) का निर्माण बिना अनुमति कराया जा सकेगा। छावनी परिषद कार्यालय के अधीक्षक कुलविंदर सिंह ने बताया की नए नियमों की जानकारी के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अब छोटे-मोटे व मरम्मत कार्य के लिए अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।