मैनपुरी। कोरोना संक्रमण के चलते दीवानी न्यायालयों में बंद चल रही मुकदमों की नियमित सुनवाई मंगलवार से शुरू हो गई। पहले दिन बड़ी संख्या में वादकारी और पैरोकार तारीख करने न्यायालय पहुंचे। मुख्य द्वार पर पुलिस द्वारा चेकिंग के बाद ही उनको न्यायालय परिसर में प्रवेश दिया गया।
कोरोना संक्रमण के चलते चार माह से न्यायालयों में मुकदमों की नियमित सुनवाई बंद चल रही थी। छह फरवरी को उच्च न्यायालय इलाहाबाद के रजिस्ट्रार जनरल आशीष गर्ग ने न्यायालयों में मुकदमों की नियमित सुनवाई के लिए न्यायिक अधिकारियों तथा कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य करने के निर्देश जिला जज को दिए थे। जिला जज अनिल कुमार ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश के अनुसार काम शुरू कराने के आदेश सोमवार को जारी किए।
मंगलवार से न्यायालयों में मुकदमों की नियमित रूप से सुनवाई शुरू होने की जानकारी पाकर बड़ी संख्या में वादकारी और पैरोकार सुबह से ही दीवानी पहुंच गए। जिला जज के आदेश पर दीवानी के मुख्य द्वार पर तैनात पुलिस कर्मियों ने सुबह से चौकसी बरती। मुख्य द्वार पर चेकिंग करने के बाद वादकारी और पैरोकारों को अंदर जाने दिया गया। न्यायालय परिसर में भी पुलिस ने चेकिंग की।
उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेशानुसार न्यायालयों में नियमित रूप से सुनवाई शुरू हो गई है। सुरक्षा के लिहाज से दीवानी के मुख्य द्वार पर चेकिंग शुरू कराई गई है।
एसके चौधरी, विधिक सेवा प्राधिकरण
दंपती के विवाद में हुआ समझौता
मैनपुरी। दंपती के बीच चल रहे विवाद में समझौता कराया गया। विवाद की सुनवाई दीवानी स्थित सुलह समझौता केंद्र में हुई। तहसील भोगांव के मौजेपुर हविलिया निवासी धनदेवी की शादी 2017 में साहिल निवासी फिरोजाबाद के साथ हुई थी। शादी के बाद साहिल ने दहेज की मांग को लेकर धनदेवी को घर से निकाल दिया गया। सुलह समझौता केंद्र में दोनों पक्षों की सुनवाई मीडिएटर जगदीश सिंह यादव ने की। दंपती की काउंसिलिंग करने के बाद उनके बीच समझौता करा दिया गया। समझौते के बाद दंपती को केंद्र से विदा कर दिया गया। संवाद
बार एसोसिएशन में सीओपी नंबर जमा करें वकील
-मैनपुरी बार एसोसिएशन कार्यकारिणी की बैठक हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। मैनपुरी बार एसोसिएशन कार्यकारिणी की मंगलवार को सभाकक्ष में बैठक हुई। निर्णय लिया गया कि एसोसिएशन के सदस्य अपना सीओपी नंबर एसोसिएशन के कार्यालय में जमा कर दें।
बैठक में बार के अध्यक्ष सौरभ यादव ने कहा कि बार काउंसिल के आदेश के अनुसार वकीलों को अपना सीओपी (सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस) नंबर बार एसोसिएशन में जमा करना है। एसोसिएशन में जमा किए गए सीओपी नंबर वाले वकीलों को चुनाव लड़ने और मताधिकार का अवसर मिल सकेगा। सचिव संतोष यादव राजू ने बताया कि मानदेय के लिए नए वकील अपने आवेदन निर्धारित प्रारूप पर एसोसिएशन के कार्यालय में जमा कर दें। जिससे उनको मानदेय देने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। अनिल यादव, रोहित यादव, विनीत कुमार निगम, राजकिशोर सक्सेना, सतेंद्र सिंह, मानवेंद्र सिंह चौहान, धर्मवीर सिंह, शिवम कटियार, विवेक कुमार, सारूप अली, पंकज कश्यप मौजूद रहे।