आगरा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने आगरा स्थित सीबीएसई बोर्ड स्कूल गेम्स वेलफेयर सोसाइटी (सीबीएसई डब्ल्यूएसओ) पर नाम के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए आपत्ति जताई है। इस पर फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स के रजिस्ट्रार ने सोसाइटी का पंजीकरण निरस्त कर दिया।
सीबीएसई के सेक्रेटरी हिमांशु गुप्ता ने सोमवार को नोटिस जारी कर बताया कि यह संस्था बोर्ड से किसी भी रूप में संबद्ध नहीं है। इसकी ओर से नाम का उपयोग करना भ्रामक एवं अवैध है। उधर, डब्ल्यूएसओ के सचिव ऋषि अवस्थी का कहना है कि उनका संगठन सेंट्रल बोर्ड ऑफ हायर एजुकेशन यानी सीबीएसई बोर्ड से किसी भी प्रकार से जुड़ा नहीं है। वह केवल एक स्पोर्ट्स ऑर्गेनाइजेशन हैं, जिनका काम स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) में बच्चों को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में अवसर उपलब्ध कराना है।
उनका कहना है कि हमारे कामकाज के लिए सीबीएसई की मान्यता की कोई आवश्यकता नहीं है। संस्था को वर्ष 2012 से एसजीएफआई की मान्यता प्राप्त है। सीबीएसई की आपत्ति पर मान्यता रद्द हुई। हाईकोर्ट में अगस्त में याचिका दायर करने पर अक्तूबर में उन्हें राहत मिली और उनकी एसजीएफआई की मान्यता पुनः बहाल हुई।
डब्ल्यूएसओ सचिव का कहना है कि हाईकोर्ट से राहत के बाद भी सीबीएसई ने इस मुद्दे को उपनिबंधक कार्यालय में उठाया, दोबारा पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। यह साजिश के तहत हुआ है। इस निर्णय के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। वहीं बोर्ड ने अपने नोटिस में सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे सीबीएसई-डब्ल्यूएसओ की ओर से आयोजित या प्रचारित किसी भी खेल गतिविधि, इवेंट या प्रोग्राम से दूर रहें, क्योंकि संस्था के सभी दावे और गतिविधियां अब अनधिकृत और अमान्य मानी जाएंगी।