बताया जा रहा है कि यह वीडियो "प्रीति यादव" नाम की एक इंस्टाग्राम आईडी से पोस्ट किया गया है। हालांकि, इस वीडियो की प्रामाणिकता और इसे किस समय रिकॉर्ड किया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बावजूद इसके, वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो वायरल होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि पुलिस परिसर जैसे संवेदनशील स्थान के भीतर रील बनाने की अनुमति किसने दी। यदि वीडियो वर्तमान का है तो पुलिस की मौजूदगी में इस तरह की गतिविधि कैसे हुई और सुरक्षा व्यवस्था के बीच किसी बाहरी व्यक्ति को इस प्रकार वीडियो बनाने की छूट कैसे मिल गई।
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मामला सामने आने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कई लोग पुलिस परिसर में इस तरह की रीलबाजी को अनुशासन और सुरक्षा के लिहाज से अनुचित बता रहे हैं। वहीं, अब निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो की जांच कर तथ्यों की पुष्टि के बाद कोई कार्रवाई की जाती है या नहीं। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पुलिस महकमे के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
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